बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज बंद, जनता परेशान; तीन साल से बंद 90 डिग्री ब्रिज बना सरकारी नाकामी का जीता-जागता स्मारक
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भोपाल। राजधानी के ऐशबाग क्षेत्र में बाग उमराव दूल्हा रेलवे अंडरब्रिज बंद होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे द्वारा संरचनात्मक सुधार कार्य के चलते अंडरब्रिज पर आवागमन बंद किए जाने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका असर रोजाना आने-जाने वाले रहवासियों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
वहीं, ऐशबाग का 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज भी लंबे समय से चर्चा में है। करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ब्रिज को इसके तीखे मोड़ से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण यातायात के लिए नहीं खोला जा सका। निर्माण के बाद भी इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाना सरकारी योजना, तकनीकी जांच और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
ब्रिज के डिजाइन में सुधार की जरूरत सामने आने के बाद संबंधित विभागों के बीच तकनीकी बदलावों को लेकर चर्चा हुई। पुल को सुरक्षित बनाने और इसके इस्तेमाल का रास्ता निकालने की प्रक्रिया में देरी से लोगों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है। जिस परियोजना से यातायात सुगम होने की उम्मीद थी, वह खुद लंबे समय से सवालों के घेरे में है।
बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज बंद होने के बीच 90 डिग्री ब्रिज का चालू नहीं होना स्थानीय लोगों की परेशानी को और बढ़ाता है। लोगों के मन में सवाल है कि निर्माण के दौरान तकनीकी खामियों की पहचान क्यों नहीं की गई और जनता के पैसे से तैयार परियोजना को उपयोगी बनाने में इतना समय क्यों लग रहा है।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल का उपयोग शुरू नहीं हो पाना सार्वजनिक धन के इस्तेमाल और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द सुधार कार्य पूरा कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे, ताकि जनता को राहत मिल सके।