बहराइच के जानकीनगर गांव के दीपू निषाद ने बिना डिग्री किया अनोखा आविष्कार, ट्रैक्टर की बैटरी से पंखा, लाइट, मोबाइल चार्जिंग का बनाया सिस्टम
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बहराइच के जानकीनगर गांव के दीपू निषाद ने बिना डिग्री के अनोखे आविष्कार किए हैं.
उन्होंने ट्रैक्टर की बैटरी से पंखा, लाइट और मोबाइल चार्जिंग का सिस्टम बनाया है, जिससे गांव को बिजली मिलती है. दीपू जिस जानकीनगर गांव में रहते हैं, वहां कहने को तो बिजली के खंभे लगे हैं, लेकिन उनमें करंट कभी नहीं आता.
रात के अंधेरे और भीषण गर्मी से पूरा गांव अक्सर परेशान रहता था.
इसी समस्या को हल करने के लिए दीपू ने किसी औपचारिक शिक्षा की कमी को आड़े नहीं आने दिया.
उन्होंने स्मार्टफोन पर यूट्यूब वीडियो देख-देखकर विज्ञान के मूल सिद्धांतों को समझा और नए-नए प्रयोग करना शुरू कर दिया.
📡 स्रोत: News18 Hindi
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बहराइच के जानकीनगर गांव में एक अनोखा आविष्कार हुआ है, जहां दीपू निषाद ने ट्रैक्टर की बैटरी से पंखा, लाइट और मोबाइल चार्जिंग का सिस्टम बनाया है। यह विषय ग्रामीण ऊर्जा स्वावलंबन और नवाचार पर आधारित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि गांव में बिजली के खंभे तो हैं, पर करंट नहीं मिलता, जिससे रात के अंधेरे और गर्मी में जीवन कठिन हो जाता है। दीपू का यह समाधान न सिर्फ तात्कालिक राहत देता है, बल्कि बिना डिग्री के भी तकनीकी नवाचार की संभावना दिखाता है। इसका आम जनता पर असर यह है कि ग्रामीणों को बिजली की कमी