बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार:मैनपुरी में पैसों का लालच देकर खुलवाते थे खाते, ठगी की रकम ATM से निकालता था गैंग
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मैनपुरी में साइबर सेल की टीम ने साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों में मंगाकर निकालने वाले गैंग का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। ॉ इन खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी, जिसे बाद में ATM, पेट्रोल पंप और अन्य जगहों से निकाल लिया जाता था।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यूनियन बैंक के खातों में पहुंच रही थी ठगी की रकम पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध की शिकायतों की जांच के दौरान मैनपुरी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खुले कुछ बैंक खातों की जानकारी सामने आई। इन खातों में साइबर फ्रॉड की रकम पहुंचने और मैनपुरी व फर्रुखाबाद में उसे निकाले जाने का पता चला।
इसके बाद साइबर क्राइम थाना मैनपुरी में केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। पुलिस के मुताबिक, साक्ष्य जुटाने के बाद 11 सितंबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लोगों को बहलाकर खुलवाते थे खाते गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील गुप्ता निवासी बेवर, रूकुम निवासी करवा थाना बेवर और शेखर निवासी विकास भवन के सामने, दीवानी रोड मैनपुरी के रूप में हुई है।
पुलिस ने इन्हें भोगांव रोड से ग्राम गड़िया की ओर जाने वाले रास्ते से पकड़ा। पूछताछ में पुलिस को गैंग में आरोपियों की अलग-अलग भूमिका सामने आने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, शेखर और उसके साथी लोगों को बहलाकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। सुनील गुप्ता इन खातों की डिटेल और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपने दूसरे साथियों तक पहुंचाता था।
खातों में रकम ट्रांसफर कराकर ATM से निकालते थे पुलिस का कहना है कि अर्जुन और दानवीर अपने साथियों की मदद से साइबर ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद रूकुम समेत अन्य आरोपी ATM, पेट्रोल पंप और दूसरी जगहों से रकम निकालते थे। पुलिस के मुताबिक, ठगी से निकली रकम को गैंग के सदस्य आपस में तय हिस्सेदारी के अनुसार बांट लेते थे।
10,300 रुपए समेत सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 10,300 रुपए नकद, छह मोबाइल फोन, एक कार, एक मोटरसाइकिल, एचडीएफसी बैंक का एक एटीएम कार्ड और यूनियन बैंक की एक पासबुक बरामद की है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की अतिरिक्त धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
साइबर ठगी के शिकारों को यह याद दिलाना ज़रूरी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से बैंक खाता खोलने की बात पर तुरंत संदेह करना चाहिए। यदि कोई धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें। समाज में जागरूकता फैलाने के लिए सामुदायिक कार्यशालाएँ और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे लोगों को अपनी वित्तीय सुरक्षा की जिम्मेदारी समझ में आए। इस प्रकार हम अपराध को रोकते हुए एक सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।