बैंकों में गड़बड़ियों पर जागी सरकार, बनाया हाई लेवल पैनल, 6 महीने में देगा रिपोर्ट
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बैंकिंग व्यवस्था की भूमिका काफी अहम मानी जाती है.
ऐसे में सरकार अब इस क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने की दिशा में काम कर रही है.
इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने बैंकिंग सेक्टर की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है.
इस कमेटी की जिम्मेदारी भारतीय बैंकों को अधिक सक्षम बनाने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप सुधारों का सुझाव देना होगा.
बैंकिंग नियमों और कामकाज की होगी समीक्षा
समिति का एक प्रमुख काम भारत में बैंकों के मौजूदा कामकाज और वित्तीय नियमों का आकलन करना होगा.
इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही बेहतर बैंकिंग प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाएगा.
साथ ही यह देखा जाएगा कि उनमें से किन तरीकों को भारतीय परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जा सकता है.
पैनल कमर्शियल बैंकों के साथ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और सहकारी बैंकों से जुड़े कानूनी और नियामकीय नियमों की भी समीक्षा करेगा.
इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और ग्राहकों तथा कारोबारियों के लिए बैंकिंग सेवाओं को आसान करना है.
सुरेश एन. पटेल को सौंपी गई कमेटी की कमान
वित्त मंत्रालय की ओर से गठित इस समिति का नाम 'हाई लेवल कमेटी ऑन बैंकिंग फॉर विकसित भारत' रखा गया है. इसकी अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल करेंगे.
समिति में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू, इंडियन बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ पद्मजा चुंदुरू तथा RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन. एस. विश्वनाथन को सदस्य बनाया गया है.
इसके अलावा वित्तीय सेवा विभाग में बैंकिंग से जुड़े संयुक्त सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे. इस पैनल को अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है.
इसका गठन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026-27 में की गई घोषणा के बाद
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar