बाल संरक्षण के लिए अनुसंधान आधारित नवाचार जरूरी
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जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने बाल संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए अनुसंधान आधारित नवाचार, जन जागरूकता और क्षमता विकास पर जोर दिया। यूनिसेफ के सहयोग से संचालित इस केंद्र के अधिकारियों को साइबर सुरक्षा, बाल लैंगिक अपराधों की रोकथाम और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए साक्ष्य आधारित अध्ययन तथा प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।
जयपुर ,21 अक्टूबर।बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान आधारित नवाचार और जन जागरूकता जरूरी है। यह कहना है राजस्थान के महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा का। बुधवार को उन्होंने जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में यूनिसेफ के सहयोग से संचालित बाल संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने बाल संरक्षण को मजबूत बनाने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संबंधित हितधारकों की क्षमता विकसित करने के निर्देश दिए। राजस्थान पुलिस अकादमी में बाल संरक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए अनुसंधान आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
बदलते साइबर परिवेश में बच्चों को सुरक्षित रखने और बाल लैंगिक अपराधों की रोकथाम के लिए अभिभावकों सहित सभी संबंधित हितधारकों को जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने केंद्र से जुड़े अधिकारियों और सदस्यों को बाल संरक्षण के प्रमुख विषयों का गहन अध्ययन करने तथा विभिन्न जिलों में सामने आ रही समस्याओं पर साक्ष्य आधारित अनुसंधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान के निष्कर्षों के आधार पर जागरूकता कार्यक्रम और क्षमता विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएं। बाल संरक्षण केंद्र का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का विस्तृत अध्ययन करना और उनके समाधान के लिए प्रभावी नवाचार विकसित करना है। केंद्र का संचालन डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन और राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस संजीव कुमार नार्जरी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
इस दौरान यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार निराला ने साइबर सुरक्षा, बच्चों के खिलाफ लैंगिक अपराधों की रोकथाम और अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संबंधित हितधारकों के नियमित प्रशिक्षण और क्षमता विकास में विषय विशेषज्ञों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
निरीक्षण के दौरान राजस्थान पुलिस अकादमी के अतिरिक्त निदेशक शंकर दत्त शर्मा, पुलिस निरीक्षक धीरज वर्मा, यूनिसेफ कार्यक्रम अधिकारी हिमाली लेउवा, सलाहकार सिंधु बिनुजीत, डॉ. अजीत, आशुतोष, आकाश उपाध्याय सहित पुलिस और यूनिसेफ के अधिकारी मौजूद रहे। बाल संरक्षण केंद्र के माध्यम से अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन जागरूकता को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सके।