अपराध

बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रयासों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रयासों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बाल सुरक्षा योजनाओं, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और संरक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में आईटीएसएसओ प्रणाली पर 92.3 प्रतिशत अनुपालन की जानकारी दी गई।

जयपुर,29 अक्टूबर। प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार सक्रिय है। इसी क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बाल संरक्षण से जुड़े प्रयासों की समीक्षा की। यह बैठक आगामी 2 नवंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित संसदीय स्थायी समिति की बैठक की तैयारियों के मद्देनजर आयोजित की गई।

बैठक में बाल संरक्षण कानूनों के क्रियान्वयन, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों से जुड़े मामलों में की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। साथ ही जांच एवं अभियोजन प्रक्रिया, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और न्यायालयों में मामलों की प्रभावी पैरवी की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग भास्कर ए. सावंत ने बताया कि वर्ष 2024 से 28 अक्टूबर 2026 तक आईटीएसएसओ प्रणाली पर अनुपालन 92.3 प्रतिशत रहा। उन्होंने पॉक्सो मामलों की निगरानी, वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्य जुटाने और संवेदनशील मामलों की जांच करने वाले पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।

वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों की देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। इसमें संस्थागत देखभाल, परिवार आधारित देखभाल, प्रायोजन सहायता और दत्तक ग्रहण के माध्यम से बच्चों के पुनर्वास के प्रयास शामिल हैं। बैठक में विद्यालयों और समुदायों में बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद बच्चों तक सहायता और संरक्षण सेवाएं पहुंचाने पर भी चर्चा की गई।

इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य मौजूद रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रयासों की समीक्षा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा की गई, जिसमें बाल सुरक्षा योजनाओं, अपराध रोकथाम और संरक्षण व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। यह विषय है कि राज्य सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकार ने ITSSO प्रणाली पर 92.3 प्रतिशत अनुपालन प्राप्त किया है, जिससे बाल अपराधों में गिरावट की उम्मीद है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि बच्चों की सुरक्षा में सुधार होगा, माता-पिता को अधिक भरोसा मिलेगा

🎙️ जनता का संदेश का मत

बच्चों की सुरक्षा एक समाज की पहचान है। जब भी किसी बच्चे पर हिंसा या शोषण का खतरा हो, तुरंत पुलिस, बाल संरक्षण बोर्ड या सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क करें। परिवार में विवाद होने पर कानूनी सलाह लें, न कि बदला या हिंसा। समाज को जागरूक करना चाहिए कि हर बच्चे का अधिकार है सम्मान और संरक्षण का। हमें मिलकर ऐसे माहौल का निर्माण करना है जहाँ बच्चे सुरक्षित, खुश और सशक्त हों।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।