बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी व्यवस्था को करें सुदृढ़ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
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विभागों के बीच समन्वित कार्ययोजना बनाकर अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश
भोपाल, 3 सितंबर 2026। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, उपलब्धता और डिलीवरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वित एवं परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बालाघाट की भौगोलिक और दुर्गम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की योजना तथा मानव संसाधन का निर्धारण क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, सचिव महिला एवं बाल विकास जी.वी. रश्मि, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस., मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के दूरस्थ एवं भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधन की वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया जाए। जहां अतिरिक्त चिकित्सकीय या मैदानी अमले की जरूरत है, वहां उसी के अनुरूप व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव संसाधन की समीक्षा केवल स्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर न हो, बल्कि जनसंख्या, भौगोलिक दूरी, स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थिति, क्षेत्र की पहुंच और वास्तविक सेवा आवश्यकता को ध्यान में रखकर की जाए।
शुक्ल ने आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य मैदानी स्वास्थ्य अमले की उपलब्धता और कार्यक्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में मैदानी अमले की भूमिका महत्वपूर्ण है। आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य संबंधित मैदानी कर्मियों की उपलब्धता का क्षेत्रवार आकलन कर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था मजबूत की जाए। इनके माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान, उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, फॉलोअप और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल मरीज के स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचने की प्रतीक्षा करने के बजाय संभावित स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पहले से पहचान कर सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए क्षेत्रवार मैपिंग, मैदानी फॉलोअप और नियमित मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव या पात्र हितग्राही को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और इसके लिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बीच प्रभावी समन्वय पर जोर दिया। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों से जुड़ी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सेवाओं के साथ समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं और सेवाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेंस सुनिश्चित कर क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के आधार पर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
शुक्ल ने पोषण समिति और स्वास्थ्य समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल और संबंधित विभागों की सेवाओं की संयुक्त रूप से समीक्षा की जाए। चिन्हित कमियों के निराकरण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा निर्धारित करने के साथ निर्णयों की फॉलोअप मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बालाघाट के दूरस्थ और कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों के लिए माइक्रो प्लानिंग तैयार करने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के सभी क्षेत्रों को एक समान मानकर योजना बनाने के बजाय उनकी भौगोलिक स्थिति और वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अलग-अलग रणनीति तैयार की जानी चाहिए। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मैदानी अमले की पहुंच, संस्थागत सेवाओं, रेफरल व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की स्थिति का नियमित आकलन कर सेवा उपलब्धता में मौजूद गैप को दूर करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, मानव संसाधन, मैदानी अमले की उपलब्धता, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के कन्वर्जेंस तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री ने चिन्हित कमियों के निराकरण और आगामी कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और डिलीवरी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विभागों के बीच समन्वित, परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद ग्रामीण एवं दूरस्थ आबादी तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं का कवरेज बढ़ेगा, रोगों का प्रारम्भिक निदान और उपचार संभव होगा, तथा जनसंख्या के स्वास्थ्य स्तर में सुधार की उम्मीद है। परिणामस्वरूप, आम जनता