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बालोतरा कपड़ा उद्योग संकट में, CETP ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बालोतरा कपड़ा उद्योग संकट में, CETP ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे

लूणी नदी में प्रदूषण के मामले में कार्रवाई के बाद बालोतरा की 574 और बिठूजा की 214 कपड़ा इकाइयां करीब पांच माह से बंद हैं। CETP ट्रस्ट की जनरल मीटिंग में पदाधिकारियों ने इस्तीफे सौंपे, अब उद्योग को दोबारा शुरू करवाने के प्रयासों पर नजरें टिकी हैं।

बालोतरा। लूणी नदी में प्रदूषण की समस्या को लेकर बालोतरा का कपड़ा उद्योग गंभीर संकट से गुजर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित जस्टिस संगीत लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट और निर्देशों के बाद कपड़ा उद्योग पर व्यापक असर पड़ा है। क्षेत्र की सैकड़ों कपड़ा इकाइयां बंद रहने से व्यापारियों, उद्योग संचालकों और श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।

जानकारी के अनुसार, बालोतरा की 574 और बिठूजा क्षेत्र की 214 कपड़ा इकाइयां पिछले करीब पांच माह से बंद हैं। इकाइयों के लंबे समय से बंद रहने के कारण कपड़ा कारोबार से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उद्योग से जुड़े व्यापारियों और श्रमिकों को अब इकाइयां दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।

इसी बीच प्रदूषण की समस्या और कपड़ा उद्योग से जुड़े मुद्दों को लेकर CETP ट्रस्ट की जनरल मीटिंग आयोजित की गई। बैठक के दौरान बालोतरा CETP ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफे सौंप दिए। इससे पहले जोधपुर और पाली में भी CETP ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी इस्तीफे दे चुके हैं।

लूणी नदी में प्रदूषण लंबे समय से क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। प्रदूषण पर नियंत्रण और न्यायिक निर्देशों की पालना के तहत की जा रही कार्रवाई का सीधा असर कपड़ा उद्योग पर दिखाई दे रहा है। वहीं, इकाइयां बंद होने से रोजगार, व्यापार और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

CETP ट्रस्ट अध्यक्ष रूपचंद सालेचा ने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिए हैं। इस संबंध में आगामी बैठक में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के निर्देशों की पालना की जा रही है।

अब ट्रस्ट की आगामी बैठक में होने वाले फैसले और कपड़ा इकाइयों को दोबारा शुरू करवाने के प्रयासों पर उद्योग जगत की नजरें टिकी हैं। क्षेत्र के कारोबारियों और श्रमिकों को उम्मीद है कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपायों के साथ उद्योग को फिर से पटरी पर लाने का रास्ता निकलेगा।

बाइट- रूपचंद सालेचा (अध्यक्ष, सीईटीपी ट्रस्ट बालोतरा)

बाइट- जसवंत कुमार (अध्यक्ष, लघु उद्योग मण्डल)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।