राजनीति

बलूचिस्तान में पाक सेना पर हमले, 25 सैनिकों की मौत का दावा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 6 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
बलूचिस्तान में पाक सेना पर हमले, 25 सैनिकों की मौत का दावा

सितंबर 04, नई दिल्ली: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर दो अलग-अलग हमलों में 25 सैनिकों के मारे जाने का बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है। संगठन ने सैन्य वाहनों को भी निशाना बनाने की बात कही है।

BLA के मुताबिक, पहला हमला जियारत क्रॉस के पास एक सैन्य काफिले पर किया गया। संगठन ने दावा किया कि हमले में पाकिस्तानी सेना की चार गाड़ियों को निशाना बनाया गया और 18 सैन्यकर्मी मारे गए।

BLA ने दावा किया कि हमले में कुछ सैनिक घायल हुए और मौके से निकलने में कामयाब रहे।

दूसरा हमला बलूचिस्तान के सुराब जिले के हाजीका इलाके में किए जाने का दावा किया गया है। BLA के मुताबिक, उसके ‘स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन्स स्क्वाड’ ने विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को रिमोट के जरिए उड़ाया।

संगठन ने दावा किया कि इस हमले में सात सैनिक मारे गए और एक सैन्य वाहन नष्ट हो गया।

BLA ने हमलों से जुड़े वीडियो जारी करने का भी दावा किया है। संगठन के मुताबिक, उसके ‘फतह स्क्वाड’ गुट ने इन हमलों को अंजाम दिया और कुल तीन सैन्य वाहनों को नष्ट किया गया।

BLA लंबे समय से बलूचिस्तान की आजादी की मांग को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र अभियान चला रहा है। पाकिस्तान BLA को आतंकवादी संगठन मानता है और उसके खिलाफ सैन्य अभियान चलाता है।

बलूचिस्तान में लंबे समय से संसाधनों पर अधिकार, राजनीतिक हिस्सेदारी, कथित जबरन गुमशुदगियों और सैन्य मौजूदगी जैसे मुद्दों को लेकर असंतोष की बात सामने आती रही है।

क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और बलूच हथियारबंद संगठनों के बीच टकराव लगातार जारी है। ताजा हमले ऐसे समय में हुए हैं जब बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बलूचिस्तान में ब्‍लै के द्वारा पाकिस्तानी सेना पर दो अलग-अलग हमलों में 25 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सैन्य संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पाकिस्तानी सेना की उपस्थिति पर खतरे की ओर संकेत करती है। आम जनता पर इसका असर बढ़ती असुरक्षा, सीमा पर व्यापार में व्यवधान, और क्षेत्रीय शांति पर प्रश्नचिन्ह लग सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।