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बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- शराबबंदी करने का फैसला एकतरफा:इसके आदी बीमार होकर अस्पताल में भीड़ लगा देंगे; सिर्फ पुणे में रोक शहरवासियों के लिए कलंक

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- शराबबंदी करने का फैसला एकतरफा:इसके आदी बीमार होकर अस्पताल में भीड़ लगा देंगे; सिर्फ पुणे में रोक शहरवासियों के लिए कलंक

बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पुणे प्रशासन को गणेश उत्सव के दौरान 10 दिन तक शराब पर रोक लगाने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा जो व्यक्ति शराब का आदी है उसे 10 दिनों तक शराब पीने को नहीं मिली, तो वे अस्पतालों में भीड़ लगा देंगे। चीफ जस्टिस एम सी त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा कि सिर्फ पुणे को चुनने के पीछे क्या तर्क है?

हम ऐसी प्रथा की निंदा करते हैं। यह पुणे के निवासियों के लिए एक कलंक है। बॉम्बे हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुणे प्रशासन ने गणेशोत्सव के दौरान 10 दिन की शराबबंदी घटाकर 2 दिन कर दी है। अब 14 सितंबर को शाम 4 बजे तक और 25 सितंबर को पूरे दिन शराब की बिक्री व सेवन पर रोक रहेगी।

कोर्ट की 3 बड़ी टिप्पणी, शराब पी हो या नहीं, व्यवस्था बिगाड़ने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी क्या प्रशासन किसी विशेष त्योहार या आयोजन पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा सकता है?

प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अवसरों पर 'ड्राई डे' (शराबबंदी) घोषित कर सकता है, लेकिन यह निर्णय मनमाना नहीं होना चाहिए। नागरिकों और व्यवसायियों को यह अधिकार है कि वे प्रशासन के किसी भी अनुचित या एकतरफा आदेश को अदालत में चुनौती दे सकें। हा शराब पर अचानक और लंबी अवधि के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाने से उन लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है जो शराब के आदी हैं। ऐसे में प्रशासन को जनहित और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है, न कि केवल एकतरफा प्रतिबंध थोपना। शराब की बिक्री पर 10 दिन की रोक से सरकारी राजस्व और स्थानीय व्यापार पर क्या असर पड़ता है?

सरकारी राजस्व में कमी: 10 दिन की शराबबंदी से उत्पाद शुल्क और VAT से मिलने वाली आय घटती है। इससे सरकारी खजाने पर दबाव पड़ता है। स्थानीय व्यापार और रोजगार पर असर: शराब की दुकानें, बार, होटल, रेस्तरां और सप्लाई चेन प्रभावित होते हैं। इससे कारोबार और रोजगार पर असर पड़ सकता है। अवैध बाजार बढ़ने का खतरा: रोक के दौरान अवैध बिक्री और तस्करी बढ़ सकती है।

इससे राजस्व का नुकसान, संगठित अपराध और नकली शराब से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मुंबई में गणेश प्रतिमा पर अंडा फेंकने का आरोप, दो पक्षों में झड़प मुंबई के मझगांव में गणेश प्रतिमा लाते समय दो पक्षों के बीच झड़प हो

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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