बंडा शराब कांड में 28 मौतें, 14 आरोपी गिरफ्तार:कांग्रेस बोली- आंकड़े छिपा रहा प्रशासन, 100+ गांवों में नशामुक्ति अभियान
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सागर के बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के गांवों में नकली और जहरीली शराब पीने से करीब 28 लोगों की मौत हो चुकी है। कई मरीज अस्पतालों में इलाजरत हैं। लेकिन, प्रशासन ने अब तक 24 मौतों की पुष्टि की है। मामले में पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए रणनीति बनाई है।
अब प्रशासन ने तीन स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। इसमें घर-घर सर्वे, चौपाल और कानूनी कार्रवाई शामिल है। बंडा सिविल अस्पताल में शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के आने का सिलसिला अब थमने लगा है। हालांकि, मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने शासन-प्रशासन पर मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है।
मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पर जताया संदेह जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि सरकार अभी भी जहरीली शराब से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर दिखाई दे रहा है।
पहले मृतकों के शव परिजनों को सौंपने में देरी हुई, पोस्टमार्टम में देरी हुई और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होगी या नहीं। कांग्रेस की मांग है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।
भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार मध्यप्रदेश में-राहुल गांधी राहुल गांधी ने सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद X पर लिखा- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं। दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।
उन्होंने लिखा- जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा। कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है। देखिए तीन तस्वीरें...
ऐसे चला पूरा घटनाक्रम... 5 सितंबर, शनिवार की शाम से अचानक बंडा सिविल अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। डॉक्टरों ने उनका इलाज किया, लेकिन मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी। शरीर में अकड़न, उल्टियां और शरीर नीला पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दिए। कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी भी कम हो रही थी।
संदेह होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। मुख्यालय से कलेक्टर और एसपी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंडा पहुंचे। मरीजों को जिला अस्पताल और बीएमसी रेफर करना शुरू किया गया। इसी बीच कुछ मरीजों ने दम तोड़ दिया। भर्ती मरीजों से तबीयत बिगड़ने का कारण पूछा गया तो लगभग सभी ने शराब पीना बताया।
रविवार सुबह तक 9 मरीजों ने दम तोड़ दिया। वहीं, शाम तक 15 से अधिक मौतें हो गईं। दूसरे दिन भी मौतों का सिलसिला नहीं रुका और सोमवार को यह आंकड़ा 22 के पार हो गया। मंगलवार से स्थिति में सुधार शुरू हुआ। हालांकि, मंगलवार को भी 2 मौतें हुईं। शराब दुकानें सील, आरोपियों की धरपकड़ शुरू शराब से मौतें होने का कारण सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी।
तत्काल सात लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया गया। सैंपलिंग शुरू कराई गई। वहीं, दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांवों में दबिश दी। अवैध रूप से शराब बेचने वाले आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। उनके कब्जे से शराब जब्त की गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब न बेच सके।
प्रशासन ने गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों से शराब नहीं पीने की अपील की। वहीं, शराब पीने वाले लोगों को अस्पताल में चेकअप कराने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रशासन ने जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। इन 30 लोगों को मामले में आरोपी बनाया मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
संदिग्ध अवैध शराब मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि मृतकों द्वारा शराब का सेवन किया गया था, जिसे अमानक/अवैध बताया गया है।
मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक एवं अवैध शराब का सेवन था या नहीं तथा शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया।
जांच में संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं, घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।
📡 स्रोत: NewsData.io