अपराध

बंदियों ने ली एकता की शपथ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बंदियों ने ली एकता की शपथ

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर अजमेर की उच्च सुरक्षा कारागृह में राष्ट्रीय एकता दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान बंदियों ने रन फॉर यूनिटी में भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ ली। कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, कविता पाठ, चित्रकला और नारा लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं नशा मुक्ति हस्ताक्षर अभियान के जरिए बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया।

जयपुर, 31 अक्टूबर।अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में राष्ट्रीय एकता दिवस उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया... लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर जेल में विभिन्न रचनात्मक और देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं... इस दौरान बंदियों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ लेने के साथ नशा मुक्ति हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया...

कार्यक्रम में बंदियों की रचनात्मक प्रतिभा भी देखने को मिली... सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर अजमेर की उच्च सुरक्षा कारागृह में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया... कार्यक्रम के दौरान बंदी आरिफ उर्फ सिकंदर द्वारा बैनर के आधार पर तैयार की गई सरदार पटेल की करीब नौ फीट ऊंची प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र रही...

कारागृह अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बंदियों को सरदार पटेल की प्रतिमा के समक्ष रन फॉर यूनिटी करवाया और देश की एकता, अखंडता एवं आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई... कार्यक्रम में बंदियों ने सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए... इसके साथ ही भाषण, देशभक्ति गीत, कविता पाठ, चित्रकला और नारा लेखन जैसी गतिविधियों का आयोजन हुआ...

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नशा मुक्ति हस्ताक्षर अभियान रहा... जिसके जरिए बंदियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया... इस दौरान बंदियों ने स्वेच्छा से हस्ताक्षर कर नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया... जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने कहा कि कारागृह केवल बंदियों को निरुद्ध रखने का स्थान नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा को निखारने और सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है...

उन्होंने कहा कि उचित अवसर और प्रेरणा मिलने पर बंदी भी अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं... वहीं सभी गतिविधियां निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी में आयोजित की गईं...

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।