बंगाल उपचुनाव में बागी TMC ने उम्मीदवार उतारे:नंदीग्राम-रेजीनगर में 6 अक्टूबर को वोटिंग; भाजपा ने अभी कैंडिडेट का नाम घोषित नहीं किया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े ने 14 सितंबर, सोमवार को बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए। मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे। दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम, संगठन पर नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद जारी है।
इससे पहले पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया गया था। नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इसे खाली करने के बाद हो रहे हैं। रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
भाजपा ने अभी तक कैंडिडेट का नाम घोषित किया है। नंदीग्राम TMC और भाजपा, दोनों के लिए अहम सीट नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की।
भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई। TMC में संगठन और पार्टी के नाम पर संकट उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद TMC संगठनात्मक संकट से जूझ रही है।
पार्टी के नाम और दो फूल-घास वाले चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट आमने-सामने हैं। दोनों गुटों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और फंड पर दावा किया है। चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों पक्षों से बातचीत की, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। ऋतब्रत गुट ने कहा है कि वह TMC के नाम और चिन्ह पर दावा जारी रखेगा।
आयोग के फैसले के बिना नामांकन की समयसीमा खत्म ह
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बंगाल के दो विधानसभा सीटों पर बागी टीएमसी ने उम्मीदवार घोषित कर उपचुनाव की तैयारी शुरू की है। यह कदम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली मुख्य टीएमसी और बागी टीएमसी के बीच सत्ता, संगठन और चुनाव चिह्न पर चल रहे विवाद को बढ़ा देता है। उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने वाले हैं, और भाजपा ने अभी तक अपनी टीम तय नहीं की है, जिससे चुनावी परिदृश्य और जटिल हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय मतदाताओं पर चुनावी विकल्प सीमित हो सकते हैं, और राजनीतिक अस्थिरता से क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।