BCCI नई स्पॉन्सर डील से मालामाल, 35 मैचों के लिए मिलेंगे इतने करोड़
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BCCI ने भारतीय क्रिकेट टीम की आने वाली घरेलू शृंखलाओं के लिए कैम्पा कोला, एसबीआई लाइफ और चैट जीपीटी को एसोसिएट पार्टनर्स के तौर पर चुना है.
बीसीसीआई की पुरानी एसोसिएट पार्टनरशिप डील अगस्त 2026 में समाप्त हो गई थी.
अब यह नई डील मार्च 2028 तक चलेगी, इस दौरान 35 मुकाबलों में ये 3 ब्रांड भारतीय क्रिकेट टीम के साथ एसोसिएट पार्टनर के तौर पर जुड़े रहेंगे.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जुलाई महीने में ही अपने इवेंट्स के लिए टाइटल स्पॉन्सरशिप और एसोसिएट पार्टनर राइट्स के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों को आमंत्रित किया था.
इन तथाकथित इवेंट्स में भारतीय टीम के अंतर्राष्ट्रीय मैच और रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट्स शामिल हैं.
स्पॉन्सरशिप की बोली के लिए बीसीसीआई ने पहले 13 अगस्त रखी थी और एसोसिएट पार्टनर के लिए कोटेशन जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त तय की गई थी.
टाइटल स्पॉन्सर तय नहीं कर पाने के बाद बोर्ड ने डेडलाइन आगे बढ़ाकर 7 सितंबर कर दी थी.
एक मैच का 1.31 करोड़
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधीन आने वाली कैम्पा कोला ने एसोसिएट पार्टनर के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई, जो प्रत्येक मैच के लिए 1.31 करोड़ रुपये अदा करेगी.
वहीं एसबीआई लाइफ और चैट जीपीटी, दोनों ने हर एक मैच के लिए 1.2 करोड़ रुपये की बोली लगाई.
कैम्पा कोला को बिसलेरी और इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन से प्रतिद्वंदिता मिली, जिन दोनों ने प्रत्येक मैच के लिए 1.2 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.
मार्च 2028 तक बीसीसीआई की तिजोरी में 35 मैचों के लिए 129.85 करोड़ रुपये आएंगे.
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बता दें कि एसोसिएट स्पॉन्सर का नाम टीम इंडिया की जर्सी पर नहीं छपा होगा. जर्सी पर सिर्फ टाइटल स्पॉन्सर का नाम छपा होता है.
भारती
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
BCCI ने भारतीय क्रिकेट टीम की घरेलू शृंखलाओं के लिए कैम्पा कोला, एसबीआई लाइफ और चैट जीपीटी को एसोसिएट पार्टनर्स के रूप में चुना है, जिससे नई स्पॉन्सर डील मार्च 2028 तक चलेगी और 35 मैचों में इन तीन ब्रांडों का जुड़ाव रहेगा। यह विषय भारतीय क्रिकेट की वित्तीय स्थिति और ब्रांडिंग रणनीति पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे टीम को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे प्रशिक्षण, खिलाड़ी विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अधिक निवेश संभव होगा। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा, क्योंकि बेहतर सुविध