बेटों ने माता-पिता को पीटा, कहा- जमीन क्यों बेची, VIDEO:सड़क पर गिराकर डंडों से मारा, पीठ-कंधों पर चोट; पुणे की घटना
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →महाराष्ट्र के पुणे जिले में जमीन बेचने से नाराज दो बेटों ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को सरेआम सड़क पर डंडों से पीटा। वहां से गुजर रहे लोगों ने दपंति को बचाया। घटना सोमवार की है, जिसका वीडियो बुधवार को सामने आया है। पुणे पुलिस के मुताबिक, इंदापुर में रहने वाले 65 साल के किसान तुकाराम राउत ने 30 अगस्त की शाम शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा, 'मैं अपनी बीमार पत्नी के साथ टहलने के लिए निकला था, तभी उनके दोनों बेटे कार से वहां पहुंचे। दोनों ने अपनी मां अंजना के नाम पर मौजूद जमीन बेचने को लेकर सवाल-जवाब किया और इसके बाद उनकी पिटाई की।' माता-पिता से मारपीट की 3 तस्वीरें…
लोगों ने दंपती को बचाया, पिता को चोटें आईं हमले में तुकाराम राउत की पीठ, चेहरे, जांघ और कंधे पर चोटें आईं, जबकि उनकी पत्नी के हाथ और कमर में चोट लगी। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने दोनों को बचाया। इलाज के लिए इंदापुर उप-जिला अस्पताल भिजवाया। शिकायत में तुकाराम ने कहा है कि दोनों बेटों ने उन्हें धमकी दी है कि अगर जमीन का सौदा रद्द नहीं किया गया तो वे उन्हें जान से मार देंगे। दोनों बेटे अपने परिवार के साथ इंदापुर के मालवाड़ी इलाके में रहते हैं। इंदापुर थाने में दोनों बेटों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। --------------- ये खबर भी पढ़ें...
बर्थडे बॉय ने माता-पिता को पीट-पीटकर मार डाला:गाजियाबाद में भाई के साथ की वारदात, डांटने पर भड़के यूपी के गाजियाबाद में 2 बेटों ने मां और पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार रात 11 बजे बर्थडे पार्टी से लौटने के बाद दोनों बेटे झगड़ा कर रहे थे। माता-पिता ने उन्हें डांट लगाई तो भड़क गए। गुस्से में माता-पिता को लात-घूसों से पीटकर अधमरा कर दिया। फिर हथौड़े से सिर कूच दिया। पूरी खबर पढ़ें…
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर पुणे के एक ग्रामीण इलाके में दो बेटों द्वारा अपने बुजुर्ग माता‑पिता को जमीन बेचने के कारण डंडों से पीटने की घटना पर आधारित है। यह विषय परिवारिक संघर्ष और संपत्ति विवाद को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वृद्धों के प्रति हिंसा की गंभीरता और समाज में ऐसी घटनाओं के बढ़ते चलन को दिखाती है, जिससे सार्वजनिक चेतना बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग अपने परिवारों में विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए जागरूक हों, और वृद्धों की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्राधिकरणों औ