देश

भारत 114 राफेल खरीदेगा, इस साल डील पर फैसला संभव:विमानों में स्वदेशी सिस्टम के इस्तेमाल पर जोर; फ्रांस की कंपनी भारतीय हथियार लगाने को तैयार

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
भारत 114 राफेल खरीदेगा, इस साल डील पर फैसला संभव:विमानों में स्वदेशी सिस्टम के इस्तेमाल पर जोर; फ्रांस की कंपनी भारतीय हथियार लगाने को तैयार

भारत की 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की योजना आगे बढ़ रही है। डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर इस वित्त वर्ष के अंत तक फैसला हो सकता है। अभी कंपनियों से मिले प्रस्तावों की जांच की जा रही है। भारत इस डील में ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करना चाहता है। योजना के मुताबिक, ज्यादातर राफेल विमान भारत में असेंबल किए जाएंगे। इनमें भारत में बने हथियार और दूसरे सिस्टम लगाए जाएंगे। डिफेंस सेक्रेटरी ने बताया कि फ्रांस की कंपनी पहले खरीदे गए राफेल मरीन विमानों में भी भारतीय हथियार लगाने पर सहमत हो गई है। राफेल की खरीद कैसे होगी?

यह खरीद ‘बाय एंड मेक’ मॉडल के तहत होगी। इसके तहत राफेल बनाने वाली कंपनी के साथ मिलकर भारत में विमानों की असेंबली और उत्पादन से जुड़े काम किए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय को मिले प्रस्तावों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। डिफेंस सेक्रेटरी के मुताबिक, इस साल के अंत तक इस प्रक्रिया में कोई निष्कर्ष निकल सकता है।

राफेल मरीन में लगेंगे भारतीय हथियार भारत पहले ही राफेल मरीन विमान खरीद चुका है। अब फ्रांस की कंपनी इन विमानों में भारतीय हथियार लगाने के लिए तैयार है। इससे भारत के बनाए हथियारों को राफेल के साथ इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ेगी। नई खरीद में भी भारतीय हथियारों और सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना है।

2027 में तेजस Mk2 की पहली उड़ान डिफेंस सेक्रेटरी ने बताया कि तेजस Mk2 की पहली उड़ान 2027 के मध्य में होने की योजना है। पहले इसके प्रोटोटाइप तैयार होंगे और फिर भारतीय वायुसेना उनका परीक्षण करेगी। वायुसेना ने शुरुआत में करीब 120 तेजस Mk2 विमानों की जरूरत बताई थी। इनकी संख्या पर अंतिम फैसला प्रोटोटाइप के परीक्षण के बाद किया जाएगा।

तेजस Mk2 में निजी कंपनियों की भी भूमिका तेजस Mk2 को विकसित करने की मुख्य जिम्मेदारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL की होगी। इसे फेज वाइज तरीके से विकसित किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से इसमें नए बदलाव किए जाएंगे। इस काम में निजी कंपनियां और MSME सेक्टर भी शामिल होंगे। निजी कंपनियां सब-असेंबली के साथ फ्यूजलेज जैसे बड़े हिस्से बनाने में मदद कर रही हैं।

कुछ हिस्सों के लिए निजी क्षेत्र की प्रोडक्शन लाइन भी शुरू की गई है। AMCA पर भारत का फोकस भारत ने फिलहाल किसी विदेशी

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की योजना पर चर्चा कर रहा है, जिसमें स्वदेशी तकनीक का अधिकतम उपयोग और असेंबली को भारत में ही करने पर जोर दिया गया है। यह कदम भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और तकनीकी स्वावलंबन को सुदृढ़ करने का हिस्सा है। इस खबर का महत्व इस तथ्य में है कि यह भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और रक्षा उद्योग के विकास को दर्शाती है, साथ ही फ्रांस जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग को भी दर्शाती है। आम जनता के लिए इसका असर नौकरियों के सृजन, रक्षा उद्योग में निवेश और राष्ट्रीय सुरक्षा मे

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।