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भारत में 2030 तक हर साल 20 लाख नए कैंसर मामले सामने आ सकते हैः डॉ. जितेंद्र सिंह

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
भारत में 2030 तक हर साल 20 लाख नए कैंसर मामले सामने आ सकते हैः डॉ. जितेंद्र सिंह

सितंबर 09, नई दिल्ली: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में कैंसर के लिए डे-केयर सुविधा का उद्घाटन किया। यह केंद्र परमाणु ऊर्जा विभाग और टाटा मेमोरियल सेंटर के तकनीकी सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रमुख महानगरों से बाहर भी कैंसर देखभाल सुविधाओं का विस्तार जरूरी है, ताकि मरीजों को अपने घर के करीब गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। उन्होंने बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग, टाटा मेमोरियल सेंटर के माध्यम से कैंसर उपचार और रेडिएशन से लेकर रोकथाम, शीघ्र पहचान, निदान और चिकित्सा पेशेवरों के प्रशिक्षण तक कैंसर देखभाल क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।

उन्होंने नागरिकों और समाज से खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसी कुप्रथाओं को रोकने में सहयोग की अपील की। उनके मुताबिक ऐसी कुप्रथाएं कैंसर के बढ़ते बोझ में योगदान कर सकती हैं।

विदिशा में कैंसर कार्यक्रम की शुरुआत 5 से 7 जून 2026 के बीच टाटा मेमोरियल सेंटर की बहुविषयक विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए कैंसर गैप केयर विश्लेषण से हुई। इस दौरान व्यापक कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। दो दिवसीय स्क्रीनिंग कार्यक्रम में 586 कैंसर मरीजों और 254 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई। इनके लिए आगे के उपचार और रेफरल की व्यवस्था की गई।

विदिशा मेडिकल कॉलेज में डे-केयर सुविधा कैंसर देखभाल के चरणबद्ध विस्तार का पहला कदम है। टाटा मेमोरियल सेंटर ने मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडियोथेरेपी, पैथोलॉजी, सामुदायिक जागरूकता, कैंसर रजिस्ट्री और प्रशामक देखभाल को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की है।

मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत विदिशा मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टरों और सात नर्सिंग अधिकारियों ने मुंबई स्थित एसीटीआरईसी में कैंसर विज्ञान का प्रशिक्षण पूरा किया है। विदिशा के सर्जनों और शल्य चिकित्सा कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी खारघर स्थित एसीटीआरईसी में शुरू किया जाएगा।

कैंसर उपचार योजना में रेडियोथेरेपी को भी शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने विदिशा सरकारी मेडिकल कॉलेज में रेडियोथेरेपी सुविधा विकसित करने की घोषणा की है। इसमें लीनियर एक्सीलरेटर यानी लिनैक सुविधा अगले दो से तीन वर्षों में शुरू होने की उम्मीद है।

कैंसर के सटीक निदान और उप-वर्गीकरण के लिए पैथोलॉजी सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री और आणविक मार्करों की सुविधा विकसित करने के साथ विदिशा के पैथोलॉजी कर्मियों को टीएमसी में ऑन्कोपैथोलॉजी, आईएचसी तकनीक और आणविक निदान का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कैंसर देखभाल में रोकथाम और शीघ्र पहचान पर भी जोर देना जरूरी है। टाटा मेमोरियल सेंटर मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर कैंसर की रोकथाम और शीघ्र निदान के लिए शिक्षा और अनुसंधान आधारित कार्यक्रम विकसित करेगा।

विदिशा में जनसंख्या-आधारित और अस्पताल-आधारित कैंसर रजिस्ट्री स्थापित करने की भी योजना है। इन रजिस्ट्रियों से कैंसर के मामलों, निदान के चरण और उपचार के परिणामों से जुड़ा स्थानीय डेटा उपलब्ध होगा। इसके अलावा डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों के प्रशिक्षण के साथ प्रशामक देखभाल सेवाएं भी विकसित की जा रही हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उपलब्ध अनुमानों के अनुसार 2030 तक भारत में हर साल करीब 20 लाख नए कैंसर मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में रोकथाम, शीघ्र पहचान, निदान और उपचार की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि टाटा मेमोरियल सेंटर का राष्ट्रीय संस्थागत नेटवर्क 11 अस्पतालों और संस्थागत इकाइयों तक पहुंच चुका है। वहीं, राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड 380 से अधिक कैंसर केंद्रों, अनुसंधान संगठनों, रोगी समूहों और पेशेवर संस्थाओं का सहयोगी नेटवर्क है। यह नेटवर्क गुणवत्ता सुधार, मानकीकरण, प्रशिक्षण, अनुसंधान और ज्ञान साझा करने में सहयोग करता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज का भी उल्लेख किया, जहां टाटा मेमोरियल सेंटर के सहयोग से कैंसर देखभाल क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े महानगरों से बाहर स्थित चिकित्सा संस्थानों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार कैंसर देखभाल की सुविधाएं विकसित करने में सक्षम बनाना व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है।

विदिशा पहल के तहत डे-केयर सुविधा से शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज में उपचार, उन्नत निदान, रेडियोथेरेपी, प्रशिक्षित मानव संसाधन, रोकथाम, शीघ्र पहचान, कैंसर रजिस्ट्री और प्रशामक देखभाल को चरणबद्ध तरीके से एकीकृत करने की योजना है। इसका उद्देश्य मरीजों को उनके घर के करीब व्यापक और गुणवत्तापूर्ण कैंसर देखभाल उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। Source: PIB

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कैंसर के बढ़ते प्रकोप से भारत सरकार ने 2030 तक हर साल 20 लाख नए केस होने की संभावना जताई है। यह आँकड़ा बताता है कि रोग की बढ़ती दर और निदान में सुधार के कारण रोगियों की संख्या बढ़ सकती है। इस खबर का महत्व इस बात में है कि यह स्वास्थ्य नीतियों और संसाधन आवंटन के लिए चेतावनी देती है, जिससे रोगनिवारण और इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था बन सके। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि जागरूकता बढ़ेगी, अस्पतालों में सुविधा और ट्यूमर सेंटरों की मांग बढ़ेगी, तथा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में बदलाव की आवश्यकता महसूस

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।