भारत में बेरोजगारी: क्या स्वरोजगार और कौशल विकास ही युवाओं के लिए मुक्ति का मार्ग है?
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भारत में बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है, जिसके केंद्र में युवा शक्ति का निराशाजनक रोजगार परिदृश्य है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में देश में बेरोजगारी दर 7.8% तक पहुँच गई थी, जिसमें शहरी क्षेत्रों में यह दर 9.8% तक थी।
इसी अवधि में देश में 15-29 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 2.3 करोड़ युवा बेरोजगार थे। सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या और पारंपरिक उद्योगों के धीमे विकास के कारण युवाओं के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाना जरूरी हो गया है। यह केवल रोजगार का सवाल नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक स्थिरता का भी सवाल है।
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💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है जिसमें युवा शक्ति का निराशाजनक रोजगार परिदृश्य है। यह समस्या देश के आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए एक बड़ा चुनौती है।