विदेश

भारत-चीन की बैठक में फैसला, शुरू होगी 2 नई हॉटलाइन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
भारत-चीन की बैठक में फैसला, शुरू होगी 2 नई हॉटलाइन

अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियों के बीच एलएसी पर भारत और चीन संबंधों को लेकर एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। जहां पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जहां खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आने की संभावनाएं हैं। उससे ठीक पहले ही भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच एक अहम बैठक देखने को मिली है।

यह बैठक कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों के बीच हुई है। इससे पहले भी भारत और चीन के कोर कमांडरों की बैठक होती रही है। लेकिन वह तमाम बैठकें लद्दाख में हुआ करती थी। इस बार यह बैठक अरुणाचल प्रदेश के उस सेक्टर में हुई है। जहां से पिछले कुछ समय में तनाव की खबरें भी हैं। दरअसल भारत और चीन के बीच अब तक कोर कमांडर सर की ज्यादातर बैठकें लद्दाख के चुशूल और मोल्डो पॉइंट पर होती थी।

लेकिन इस बार इतिहास में पहली बार अरुणाचल प्रदेश के वाचा दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर यह उच्च स्तरीय वार्ता हुई है। इसे भी पढ़ें: वो इलाका जो था कभी लिट्टे का अभेद किला, वहां घुसकर भारत की 61 मलियन डॉलर की बड़ी डील, इस बैठक का नेतृत्व भारतीय सेना की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया जो कि नागालैंड के दीमापुर स्थित थ्री कोर यानी कि स्पेयर कॉप्स के कमांडर है।

यह वही कोर है जो अरुणाचल के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। वहीं चीन की ओर से भी कोर कमांडर सर के अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे। यह जो बातचीत है यह ऐसे समय में हुई है जब अरुणाचल के दक्षिण जैसे दूरदराज के इलाके में दोनों सेनाओं के बीच तनातनी की खबरें हैं। साथ ही में 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है।

जहां पर शी जिनपिंग के भारत आने की संभावनाएं हैं। और हाल ही में बीजिंग में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 25वें दौर की बातचीत भी हुई थी। जहां पर खुद एनएसए अजीत डोवाल पहुंचे थे। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की थी। इसे भी पढ़ें: China Masters खिताब जीतकर Satwik Chirag ने Asian Games से पहले बढ़ाया अपना हौसला जिसमें सीमा प्रबंधन सुधारने के आठ बिंदुओं पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी और अब यह कोर कमांडर स्तर की बैठक भी अरुणाचल प्रदेश में अंजाम दी गई है।

इस बड़ी बैठक के बाद जो सबसे बड़ा नतीजा लिया गया है वो यह है कि दो नई मिलिट्री हॉटलाइंस को स्थापित किया जाएगा। सीमा पर अक्सर गलतफहमी के कारण विवाद बढ़ सकता है। इसलिए अब भारतीय सेना की ईस्टर्न और सेंट्रल कमांड सीधे चीनी कमान से फोन लाइन के जरिए जुड़ जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि अगर बॉर्डर पर कोई भी हलचल होती है तो कमांडर्स एक दूसरे को फोन घुमाकर विवाद को बढ़ाने से पहले ही सुलझा सकते हैं।

इस संदेश की देरी और किसी भी तरीके की फेस ऑफ को रोकने में बड़ा प्रभावी साबित हो सकता है और दोनों ही राष्ट्र एलएसी पर तनाव को कम करने के लिए सजग दिख रहे हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता नहीं होगी तब तक द्विपक्षीय रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में तीन कोर मुख्यालय का दौरा भी किया था और वहां पर तैयारियों का जायजा लिया था।

वहीं तेजपुर से चार कोर और रंगपारा स्थित थ्री कोर दोनों ही को अरुणाचल की 10126 कि.मी.

लंबी एलएसी पर मुस्तैद रहना है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।