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भारत से गद्दारी पड़ गई भारी! China ने बांग्लादेश की दबाई गर्दन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
भारत से गद्दारी पड़ गई भारी! China ने बांग्लादेश की दबाई गर्दन

पिछले कुछ महीनों से जो बांग्लादेश चीन की गोद में बैठकर भारत को आंख दिखा रहा है। अब यही बांग्लादेश चीन के चक्रव में ऐसा फंसा है कि वो दिन दूर नहीं कि पूरा देश बर्बाद हो जाएगा। बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान की एक गलती की सजा पूरा बांग्लादेश भुगत रहा है। इसीलिए अब बांग्लादेश की जनता तारिक रहमान के खिलाफ उतर आई है।

तारीख के फैसले का विरोध कर रही है। दरअसल बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी और पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। हाल ही में बांग्लादेश ने इस समस्या से उभने के लिए भारत से मदद मांगी थी। लेकिन इसके लिए भारत ने एक छोटी डिमांड कर दी। यह डिमांड बांग्लादेश को पसंद नहीं आई और वो भारत के ऑफर को ठुकरा कर चीन की शरण में चला गया और चीन कितना खिलाड़ी है उसके बारे में पूरी दुनिया जानती है कि कैसे पाकिस्तान और श्रीलंका को चीन ने अपने जाल में फंसाकर बर्बाद कर डाला।

अब ठीक उसी तरह बांग्लादेश भी चीन के चंगुल में फंस गया है। इसे भी पढ़ें: दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक कदम...अचानक क्यों भारत की तारीफ करने लगा बांग्लादेश?

दरअसल बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीन बाजार में लग रहे वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट से 42 मेगावाट बिजली 25 टका यानी करीब ₹19 प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी और इसके लिए 25 साल का करार हुआ है। इन दिनों राजधानी ढाका और मुख्य शहरों में घंटों तक बिजली की कटौती हो रही है।

इसके साथ ही वहां के विदेशी मुद्रा को लेकर भी स्थिति डामाडोल है। बांग्लादेश भारत से सस्ती कीमतों में बिजली की खरीद करता आया है। लेकिन भारत की ओर से मामूली टैक्स बढ़ाए जाने पर आपत्ति जता रहा है। भारत ने सीमा पार बिजली लेनदेन और ग्रिड से जुड़े खर्च के लिए 1 पैसे प्रति यूनिट शुल्क प्रस्तावित किया था।

मगर बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड ने इसका विरोध किया। इसके बाद भारत ने शुल्क को घटाकर आधा पैसा प्रति यूनिट करने की बात कही। लेकिन फिर भी बांग्लादेश को यह ऑफर रास नहीं आई। इसके उलट वो चाइना प्रेम के चक्कर में ड्रैगन को बिजली के लिए भारत के मुकाबले 127% अधिक भुगतान कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Bangladesh की बर्बादी पर शेख हसीना का सबसे बड़ा खुलासा, वतन वापसी पर क्यों होगा पहला मूव, बता दिया भारत से बांग्लादेश को करीब 11 टका यानी 8.5 प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है।

यानी कि चीन से मिलने वाली बिजली की कीमत भारत से दो गुने से भी ज्यादा है। 2 सितंबर को बीजिंग में हुए समझौते का बांग्लादेश में विरोध भी शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर हैं। दरअसल चीन बांग्लादेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। वह तीस्ता नदी पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट समेत बिजली से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

अमीन बाजार का वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट भी इसी बढ़ती भागीदारी का हिस्सा है। चीन की योजना बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार तक भी ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की है। लेकिन चीन से हर कोई वाकिफ है कि कैसे वह लालच देकर छोटे-छोटे देशों को अपने चंगुल में फंसाकर उनको कस देता है। उनकी फिर जमीन पर कब्जा कर लेता है।

वैसे अब उसने बांग्लादेश के साथ भी करना शुरू कर दिया है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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