भारत को मिलने जा रहे LCA Mk-1A, आ गई तारीख, पावर देख थर-थर कांपेगा PAK
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को उम्मीद है कि वह इस साल के आखिर तक भारतीय वायु सेना को हल्के लड़ाकू विमान (LCA Mk-1A) की डिलीवरी शुरू कर देगी.
सरकारी एयरोस्पेस कंपनी रडार और हथियारों को जोड़ने से जुड़ी आखिरी दिक्कतों को दूर करने पर काम कर रही है. इसकी जानकारी डायरेक्टर रवि के ने दी है.
एक न्यूज चैनल से बातचीत में डायरेक्टर रवि के ने कहा, आखिरी दौर के सुधार चल रहे हैं. रडार से जुड़ी कुछ दिक्कतें हैं जिन्हें ठीक करना है.
साथ ही, हथियारों को जोड़ने (इंटीग्रेशन) का आखिरी टेस्ट भी अभी बाकी है.
हमें उम्मीद है कि एक महीने के अंदर ये दिक्कतें सुलझा ली जाएंगी और एयरक्राफ्ट डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएगा."
दिसंबर से शुरू होगी डिलीवरी
LCA Mk-1A, IAF के फाइटर फ्लीट (लड़ाकू विमानों के बेड़े) को मजबूत करने की कोशिशों का अहम हिस्सा है, क्योंकि इसमें चिंताजनक कमी है.
IAF ने कुल 1.1 लाख करोड़ की कीमत वाले 180 Mk-1A फाइटर जेट का ऑर्डर दिया है. 83 एयरक्राफ्ट का पहला कॉन्ट्रैक्ट फरवरी 2021 में साइन किया गया था, और उसके बाद सितंबर 2025 में 97 फाइटर जेट के लिए दूसरा कॉन्ट्रैक्ट हुआ.
डिलीवरी, जो दिसंबर में शुरू होने की उम्मीद है, पहले कॉन्ट्रैक्ट के तहत होगी.
HAL की योजना वित्त वर्ष 2026-27 में IAF को लगभग 10 फाइटर जेट सौंपने की है.
रवि ने कहा, "मुझे GE Aerospace से 10 इंजन मिल गए हैं और 27 LCA Mk-1A एयरफ्रेम तैयार हैं.
हम निश्चित रूप से 10 एयरक्राफ्ट सौंप सकते हैं." IAF, LCA Mk-1A प्रोग्राम की रफ्तार को लेकर चिंतित है क्योंकि नए फाइटर जेट को शामिल करने में देरी से उसकी युद्ध क्षमता पर असर पड़ने का खतरा हो सकता है.
एचएएल के मुताबिक, अब तक कुल 25 मार्क-1ए बनकर तैयार हो चुके हैं.
सीएमडी ने कहा, अमेरिकी कंपनी ने भरोसा दिया है कि अब इंजन की सप्लाई सुचारू रुप से चलेगी.
अमेरिका से इंजन ना मिलने के चलते एलसीए तेजस प्रोजेक्ट बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण ऑपरेशनल तैयारियों में कमी को लेकर भारतीय वायुसेना अपनी चिंता जाहिर कर चुकी है.
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत में हल्के लड़ाकू विमान (LCA Mk-1A) की डिलीवरी शुरू होने वाली है, जिससे भारतीय वायु सेना की क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। यह कदम देश की रक्षा स्वतंत्रता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। LCA Mk-1A के परिचालन से सेना को आधुनिक रडार और हथियार प्रणालियों के साथ बेहतर लड़ाकू दक्षता मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। आम जनता को इससे नौकरियों के अवसर, रक्षा क्षेत्र में तकनीकी विकास और बेहतर राष्ट्रीय गर्व का लाभ मिलेगा।