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भारत और न्यूज़ीलैंड का एफटीए आज विजयादशमी के अवसर पर लागू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
भारत और न्यूज़ीलैंड का एफटीए आज विजयादशमी के अवसर पर लागू

भारत और न्यूज़ीलैंड का व्यापार समझौता-एफटीए आज विजयादशमी के अवसर पर लागू हो गया है। इस समझौते के तहत भारत के सभी निर्यात उत्पादों को न्यूज़ीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, कारीगरों, किसानों और दवा उद्योग के निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

श्री गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। श्री गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों को फल, सब्जियों, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। इससे उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और उनकी आजीविका मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेयरी सहित संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षण दिया गया है और सरकार की प्राथमिकता किसानों का कल्याण है।

न्यूज़ीलैंड की ओर से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता से विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, सेवा क्षेत्र और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच विकास और साझा समृद्धि की सोच पर आधारित यह साझेदारी आगे कई उपलब्धियां हासिल करेगी।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते पर इस वर्ष अप्रैल में नई दिल्ली के भारत मंडपम में हस्ताक्षर किए गए थे। इससे सेवा क्षेत्र, निवेश और पेशेवरों, विद्यार्थियों तथा युवाओं की आवाजाही के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। इसके तहत भारतीय पेशेवरों और विद्यार्थियों के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

भारत और न्यूज़ीलैंड लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, शिक्षा, खेल और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग एक अरब 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा।

इस अवसर पर श्री पीयूष गोयल ने भारत से न्यूज़ीलैंड के लिए पहली बार निर्यात की जा रही जेसीबी मशीन को रवाना किया। कृषि, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग, खेल सामग्री, जूते और चमड़ा उद्योग के उत्पादों को भी आज रवाना किए जाने की योजना है। ये पहल भारतीय निर्माताओं के विश्वास और इस समझौते से देशभर के निर्यातकों के लिए खुलने वाले अवसरों को दर्शाती हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।