भारत ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर उठाए सवाल
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अक्टूबर 15, नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कथित उल्लंघनों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति के 81वें सत्र में मानवाधिकार उच्चायुक्त के साथ संवाद के दौरान भारत के फर्स्ट सेक्रेटरी अनुज स्वरूप ने देश का वक्तव्य प्रस्तुत किया।
भारत ने विशेष रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, मानवाधिकार परिषद के सदस्य के रूप में अपनी रचनात्मक भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सभी देशों के साथ निष्पक्ष और समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान से अपने विभिन्न क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। इस दौरान उन क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें भारत पाकिस्तान के अवैध कब्जे में मानता है।
भारत ने कहा कि मानवाधिकारों की प्रभावी रक्षा के लिए निष्पक्षता, जवाबदेही और सभी देशों पर समान मानदंड लागू करना आवश्यक है।