भारत समेत कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाएगा अमेरिका! रूस पर प्रतिबंध वाले बिल का पास होना तय
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US Tariff Bill: अमेरिका ने एक बार फिर से भारत समेत कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी शुरू कर दी है.
दरअसल, अमेरिका में रूस से जुड़े प्रतिबंधों को और सख्त करने की दिशा में एक नया कदम उठाया है. जिसके तहत रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल पर वोटिंग होने वाली है. इस बिल के पास होने की की भी पूरी संभावना है.
अगर ऐसा होता है तो अमेरिका भारत समेत दुनिया भर के कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का कानून अधिकार हासिल कर लेगा. अमेरिकी सीनेट में मिल चुकी है बिल को मंजूरी बता दें कि यह विधेयक ‘लिंडसे ओ.
ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ के नाम से जाना जाता है. अमेरिकी सीनेट में इसे 86 के मुकाबले 11 मतों से मंजूरी मिल चुकी है. अब इसकी अगली परीक्षा प्रतिनिधि सभा में होनी है.
अगर इस सदन से भी विधेयक पारित होता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल खरीदने वाले देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है. क्या है प्रस्तावित कानून?
बता दें कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस के नेतृत्व और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है.
प्रस्ताव में उन जहाजों पर भी कार्रवाई की बात है, जिनके जरिए रूस से तेल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों को दरकिनार करने की कोशिश की जाती है. ऐसे जहाजों के नेटवर्क को आम तौर पर ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है.
इसे लेकर अमेरिकी सरकार का तर्क रहा है कि ऊर्जा से होने वाली रूस की कमाई उसके युद्ध संबंधी खर्चों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है. इसी वजह से रूसी तेल और उससे जुड़े कारोबार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.
भारत समेत किन देशों पर टैरिफ लगा सकता है अमेरिका?
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट सांसद स्टेनी होयर की ओर से पेश किए गए संशोधन में कई देशों को संभावित टैरिफ के दायरे में लाने का प्रस्ताव है.
इनमें भारत के अलावा चीन, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाकिया, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक शामिल हैं. हालांकि, इन देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क अपने आप लागू नहीं होगा.
इसके लिए संबंधित प्रावधानों का कानून में शामिल होना और आगे की कानूनी प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है. बता दें कि सीनेट से पारित मूल विधेयक में इन देशों के नाम सूची में शामिल नहीं थे.
हालांकि, रूस से ऊर्जा उत्पादों के बड़े खरीदारों को लेकर अलग प्रावधानों पर चर्चा हुई थी.
अब प्रतिनिधि सभा में प्रस्तावित संशोधन के जरिए दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. खबर अभी अपडेट हो रही है....
📡 स्रोत: NewsData.io