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भवन निर्माण निगम GM ने खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य:21 साल की सर्विस में बनाई संपत्ति, पटना से वैशाली तक EOU ने की रेड

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
भवन निर्माण निगम GM ने खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य:21 साल की सर्विस में बनाई संपत्ति, पटना से वैशाली तक EOU ने की रेड

बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) कमलेश कुमार और उनके नजदीकी परिजन के नाम पर करोड़ों की संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। मंगलवार को इओयू ने रेड के बाद इसकी पुष्टि की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOU ने पटना से वैशाली तक अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।

जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई में जमीन, मकान, बैंक खातों और बीमा निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। वैशाली के जंदाहा स्थित सर्वोदय मैदान में कई प्लॉट्स मिले हैं। इनमें एक प्लॉट पर G+2 मकान बना हुआ है, जबकि दूसरे आवासीय भवन का निर्माण चल रहा है। वहीं पटना के राजीव नगर में करीब 2.5 कट्ठा जमीन पर G+4 मकान बना हुआ मिला।

इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपए में आंकी जा रही है। EOU के मुताबिक, कमलेश कुमार और उनके नजदीकी परिजनों के नाम से SBI, ICICI बैंक और HDFC बैंक में कुल 16 खाते मिले हैं। इन खातों में कुल 25 लाख 86 हजार 661 रुपए जमा पाए गए हैं। जांच एजेंसी ने इन बैंक खातों को फ्रीज भी कर दिया है। LIC समेत अन्य बीमा कंपनियों में निवेश के पेपर मिले इसके अलावा LIC समेत अन्य बीमा कंपनियों में किए गए निवेश से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में ज्वेलरी की खरीद से जुड़े कागजात भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। EOU का कहना है, बरामद दस्तावेजों और निवेश से जुड़े कागजात की डिटेल जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति, निवेश और अन्य परिसंपत्तियों की वास्तविक राशि स्पष्ट हो सकेगी। 21 साल का रहा है कमलेश का कार्यकाल कमलेश कुमार का कार्यकाल 2005 से 2026 तक का रहा है।

एजेंसी 21 साल के कार्यकाल के दौरान अर्जित संपत्ति और आय के स्रोतों का भी मिलान कर रही है। फिलहाल इओयू की ओर से कमलेश कुमार के खिलाफ दर्ज मामले और लोक सेवक के रूप में पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपति मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग को भेज दी गई है। कल टीम ने पटना-वैशाली में की रेड मंगलवार को पटना के राजीव नगर के मेघा 25/C के आवास पर 12 सदस्यीय टीम अहले सुबह 7 बजे से पहुंची, लेकिन घर पर ताला लगा हुआ था, जिसकी वजह से टीम साढ़े 4 घंटे बैठी रही।

इसके बाद ही रेड कर पाई। जांच के दौरान कमलेश कुमार के बेटे के निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने की जानकारी मिली है। इओयू के अनुसार, मेडिकल शिक्षा पर बड़ी राशि खर्च किए जाने का अनुमान है। इस खर्च के स्रोत की भी जांच की जाएगी। 21 सितंबर को दर्ज हुई FIR EOU थाना में 21 सितंबर 2026 को कांड संख्या 24/26 दर्ज किया गया।

मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। FIR दर्ज होने के बाद EOU ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया। इसके आधार पर 22 सितंबर की सुबह चारों ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की गई।

📡 स्रोत: NewsData.io

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