भिलाई में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, चार युवक गिरफ्तार; 17 मोबाइल और 2 लैपटॉप जब्त
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
भिलाई। खुर्सीपार के ट्रांसपोर्ट नगर में ऑनलाइन सट्टे के कारोबार का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक कमरे में बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड और 90 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
छावनी सीएसपी प्रशांत सिंह पैकरा ने बताया कि 7 नवंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर में गुरुदयाल सिंह के यार्ड में टाटा सर्विस सेंटर के पास बने एक कमरे में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर खुर्सीपार पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापा मारा। पुलिस ने कमरे में सट्टा चलाते मिले चार युवकों को हिरासत में लिया।
रेड्डी अन्ना 108 ऐप से चला रहे थे सट्टा
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ‘रेड्डी अन्ना 108’ नाम के सट्टा ऐप और उसके पैनल के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाते थे। सट्टे की रकम के लेन-देन के लिए वे दूसरे लोगों के बैंक खातों और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। इसके बदले खाताधारकों को कमीशन या पहले से तय रकम दी जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस बैंक खातों, पैसों के लेन-देन और सट्टे से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
19 से 24 वर्ष के चार युवक गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में खुर्सीपार निवासी चार युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें अमित तिवारी (21), निवासी सेक्टर-11, जोन-2; विकास कुमार साहू (24), निवासी मछली मार्केट, जोन-2; शुभम कुमार पाल (21), निवासी सेक्टर-11, जोन-2 और यशमीत सिंह (19), निवासी जोन-3, मस्जिद के पास शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सट्टा संचालन में इस्तेमाल किए जा रहे 2 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड और 90 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। इसके अलावा सट्टा ऐप और उसके पैनल से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।
चारों आरोपियों के खिलाफ खुर्सीपार थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6, 7 और 8 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सट्टे की रकम के लेन-देन में किन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ और इस पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।