राजनीति

भीलवाड़ा में अनोखी पहल, वोटिंग से चुना गांव का सरपंच प्रत्याशी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
भीलवाड़ा में अनोखी पहल, वोटिंग से चुना गांव का सरपंच प्रत्याशी

भीलवाड़ा के कन्याखेड़ी-तख्तपुरा पंचायत क्षेत्र में ग्रामीणों ने चुनावी खर्च और आपसी रंजिश से बचने के लिए आपसी वोटिंग से सरपंच प्रत्याशी चुना। भैरू लाल नायक को 294 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी शंकर लाल बारोट को 147 वोट मिले।

भीलवाड़ा, 16 अक्टूबर। चुनाव प्रचार में होने वाले फिजूल खर्च और आपसी टकराव से बचने के लिए भीलवाड़ा जिले के ग्रामीणों ने अनोखी पहल की है। हमीरगढ़ उपखंड के कन्याखेड़ी और तख्तपुरा ग्राम पंचायत क्षेत्र में ग्रामीणों ने आपसी सहमति से सरपंच पद के लिए प्रत्याशी का चयन करने के लिए मतदान करवाया। इस प्रक्रिया में भैरू लाल नायक को विजेता घोषित किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य चुनावी खर्च कम करना, आपसी भाईचारा बनाए रखना और गांव के विकास के लिए संसाधन जुटाना है।

ग्रामीणों के अनुसार, हर चुनाव में कई प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से प्रचार-प्रसार पर अनावश्यक खर्च होता है और गांव में आपसी मतभेद भी बढ़ते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने गांव के स्तर पर ही एक प्रत्याशी चुनने का निर्णय लिया।

इस बार पंचायत में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए सीट होने के कारण दो प्रत्याशियों भैरू लाल नायक और शंकर लाल बारोट ने अपनी दावेदारी पेश की। इसके बाद तख्तपुरा गांव के चारभुजा मंदिर में ग्रामीणों की मौजूदगी में मतदान करवाया गया।

मतदान में भैरू लाल नायक को 294 वोट मिले, जबकि शंकर लाल बारोट को 147 वोट प्राप्त हुए। परिणाम के आधार पर भैरू लाल नायक को ग्रामीणों ने अपना पसंदीदा प्रत्याशी घोषित किया।

ग्रामीणों ने सरपंच पद के दावेदारों के सामने गांव के विकास के लिए 1 लाख 51 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा था। यह राशि बालिका विद्यालय में अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए खर्च की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इस तरह प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को गांव के विकास से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछली बार भी इसी तरह आपसी सहमति से प्रत्याशी का चयन किया गया था। इस बार भी चारभुजा मंदिर में गांव के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में दावेदारों को बुलाया गया और मतदान के जरिए निर्णय लिया गया।

मतदान के लिए पर्चियां छपवाई गई थीं, जिन पर दोनों प्रत्याशियों के नाम और तस्वीरें थीं। ग्रामीणों ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से करवाई गई। उनका कहना है कि यह निर्णय गांव के लोगों की सामूहिक सहमति से लिया गया है।

चयनित प्रत्याशी भैरू लाल नायक ने कहा कि ग्रामीणों ने उन पर विश्वास जताया है और वह इस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने गांव के विकास के लिए काम करने और भगवान चारभुजा नाथ का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ने की बात कही।

ग्रामीणों का मानना है कि आपसी सहमति से प्रत्याशी चुनने की परंपरा से चुनावी खर्च कम करने, आपसी रंजिश रोकने और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीणों की यह वोटिंग आपसी सहमति से प्रत्याशी चुनने की प्रक्रिया है। इसे आधिकारिक पंचायत चुनाव का परिणाम नहीं माना जा सकता। सरपंच पद के लिए नामांकन और चुनाव की अंतिम प्रक्रिया निर्वाचन नियमों के अनुसार ही पूरी होगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी इस पहल से गांव में एकजुटता बढ़ेगी और बालिका विद्यालय के विकास को भी गति मिलेगी।

बाइट

1 – भैरू लाल नायक, विजेता प्रत्याशी

2- ग्रामीण

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4- ग्रामीण

5- ग्रामीण

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।