भोपाल- दो दिवसीय नशा मुक्ति चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर में 90 रोगियों को मिला उपचार
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शिविर के सफल आयोजन से पूर्व महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आसपास के क्षेत्रों एवं बस्तियों जैसे नेहरू नगर, राहुल नगर, पंचशील नगर, शबरी नगर एवं सर्वधर्म कॉलोनी आदि इलाकों में घर-घर जाकर शिविर के संबंध में व्यापक जन- जागरूकता फैलाई गई तथा अधिक से अधिक लोगों तक शिविर की जानकारी पहुँचाई गई।
शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा नशे के दुष्प्रभावों, इसके कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं तथा नशा छोड़ने के विभिन्न प्रभावी चिकित्सकीय उपायों के संबंध में रोगियों को जागरूक किया गया। ओपीडी में आए रोगियों की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर उन्हें आवश्यकतानुसार आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, परामर्श एवं पुनर्वास संबंधी उपचार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अगद तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. उर्मिला शुक्ला के संयोजन एवं मार्गदर्शन में विशेष जन-जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में डॉ. भूषण सिंह द्वारा नशा मुक्ति एवं जन-जागरूकता विषय पर एक अत्यंत सारगर्भित एवं प्रेरक अवेयरनेस लेक्चर प्रस्तुत किया गया। इस व्याख्यान में महाविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया।
व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति,इसके दूरगामी दुष्परिणामों, नशा मुक्ति में आयुर्वेदिक एवं चिकित्सकीय परामर्श की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु नशा विरोधी जागरूकता फैलाने के तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ शरद राठी, डॉ अंशु मालवीय, डॉ सुनीता राजपूत डॉ. पूर्णिमा मंसूरिया की मुख्य भूमिका रही।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नशा मुक्ति चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर भोपाल में आयोजित हुआ, जहाँ 90 रोगियों को उपचार मिला। यह कार्यक्रम नशे के दुष्प्रभावों और पुनर्वास के तरीकों पर विशेषज्ञों की सलाह से सुसज्जित था। शिविर से पहले महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने नेहरू नगर, राहुल नगर, पंचशील नगर, शबरी नगर और सर्वधर्म कॉलोनी जैसे इलाकों में घर-घर जाकर जन- जागरूकता फैलाई, जिससे अधिक लोगों तक जानकारी पहुँचाई। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि नशे की समस्या ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बढ़ती जा रही है, और इस तरह के शिविर से रोगिय