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भोपाल- मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सतर्क रहें, राहत-बचाव में कोई कमी न रहे: CM मोहन यादव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
भोपाल-  मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सतर्क रहें, राहत-बचाव में कोई कमी न रहे: CM मोहन यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश और कुछ क्षेत्रों में बनी बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री शनिवार को होमगार्ड कार्यालय स्थित एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेंटर पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सक्रिय रहने तक सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड और फील्ड अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी व्यक्ति को संकट की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाए।

बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत देने के निर्देश

CM ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है, वहां प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। प्रभावित परिवारों को खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराया जाए। साथ ही नियमानुसार राहत राशि भी दिलाई जाए। मुख्यमंत्री ने NDRF, SDRF और प्रशासनिक अमले को संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से तैनात रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव निरीक्षण भी किया। उन्होंने पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अधिकारियों से सीधे बात कर हालात की जानकारी ली। पन्ना की किलकिला नदी में बाढ़ के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SEDRF की टीम द्वारा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की भी जानकारी मुख्यमंत्री ने ली।

एक महीने में 2,783 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। इसके चलते NDRF और SDRF की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि बीते एक महीने में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल अगले दो से चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं।

जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

CM ने कहा कि अब तक की तैयारियों और राहत दलों की मुस्तैदी के चलते प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है। आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ प्रदेशवासियों, उनके जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों से संवाद के बाद आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और बेहतर किया गया है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भोजपुरी में यह खबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बाढ़ और लगातार हो रही बारिश के बीच राहत‑बचाव कार्यों की समीक्षा पर केंद्रित है। यह विषय राज्य में जल संकट और आपातकालीन प्रबंधन के बारे में है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि बाढ़ से लोगों के जीवन, संपत्ति और कृषि पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, और समय पर कार्रवाई से नुकसान घटाया जा सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वे सतर्क रहें, आपातकालीन सहायता के लिए तैयार रहें, और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करके अपनी सुरक्षा सुन

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।