भोपाल

भोपाल- ‘स्त्री विमर्श और बदलते संस्कारों’ पर 5 सितंबर को होगा ‘अफ़साने का अफ़साना’

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
भोपाल- ‘स्त्री विमर्श और बदलते संस्कारों’ पर 5 सितंबर को होगा ‘अफ़साने का अफ़साना’

मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा 5 सितंबर को ‘स्त्री विमर्श और संस्कारों के बदलते हुए कथानक’ विषय पर विशेष साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे संस्कृति भवन, बाणगंगा चौराहा स्थित उर्दू अकादमी में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मनोज श्रीवास्तव करेंगे, जबकि अनुराधा शंकर मुख्य अतिथि रहेंगी। देश के विभिन्न शहरों से आए साहित्यकार स्त्री विमर्श, बदलते पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक परिवर्तनों पर विचार साझा करने के साथ अपनी कहानियों का पाठ भी करेंगे। कार्यक्रम का संचालन शगुफ़्ता यास्मीन करेंगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह कार्यक्रम ‘स्त्री विमर्श और बदलते संस्कारों’ के विषय पर केंद्रित है, जिसमें महिलाओं के विचारों और समाज में हो रहे सांस्कृतिक परिवर्तनों पर चर्चा होगी। यह विषय समसामयिक है क्योंकि महिलाओं की भूमिका और पारिवारिक मूल्यों में बदलाव को समझना आवश्यक है। कार्यक्रम का महत्व इसलिए है क्योंकि यह महिलाओं के अधिकारों और समाजिक बदलावों को उजागर करेगा, जिससे लैंगिक समानता पर जागरूकता बढ़ेगी। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि लोग महिलाओं के अनुभवों और बदलते सांस्कृतिक मानदंडों को बेहतर समझेंगे, जिससे समाज में

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।