भुजिया खाते हैं? उसका सच उड़ा देगा होश, FSSAI ने मारा छापा
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जो भुजिया आप चाय के साथ शौक से खाते हैं वह किस चीज से बन रहा था यह जानकर हैरानी हो सकती है.
अजमेर के रूपनगढ़ में वाई वाई नूडल्स बनाने वाली कंपनी सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में जांच के दौरान FSSAI को कई गड़बड़ियां मिलीं.
जांच में सामने आया कि फर्श पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स को उठाकर दोबारा भुजिया बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा था.
इन नूडल्स को दोबारा गर्म भी नहीं किया जा रहा था.
FSSAI ने कार्रवाई करते हुए 32,107.2 किलो से ज्यादा स्टॉक जब्त किया और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी.
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ट्रेडिंग पर आया बड़ा अपडेट
बिना लाइसेंस बन रहे थे दो भुजिया प्रोडक्ट
जांच में पता चला कि फैक्ट्री में Wai Wai Mama और Wai Wai Mama Punte नाम के भुजिया प्रोडक्ट बिना जरूरी लाइसेंस के बनाए जा रहे थे.
फर्श पर गिरे नूडल्स दोबारा क्यों इस्तेमाल हुए?
जांच टीम के मुताबिक फर्श पर गिरे टूटे नूडल्स को इकट्ठा कर उन्हें दोबारा भुजिया बनाने में लगाया जा रहा था. खास बात यह थी कि इन नूडल्स को दोबारा हीट ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा था.
फर्श के संपर्क में आने के बाद किसी खाद्य सामग्री को इस तरह दोबारा इस्तेमाल करना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करता है.
पैकेट पर पहले की तारीख डालने का आरोप
फैक्ट्री में पैकेजिंग को लेकर भी गड़बड़ी मिली.
जांच टीम के मुताबिक पैकेट पर पहले की तारीख डाली जा रही थी यानी पैकेज पर दिखाई जाने वाली तारीख और वास्तविक उत्पादन की तारीख को लेकर सवाल उठे हैं.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भुजिया, जिसे हम चाय के साथ शौक से खाते हैं, वास्तव में नूडल्स के टुकड़ों से बना होता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एफएसएसएआई ने अजमेर के सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में पाया कि फर्श पर गिरे हुए नूडल्स को बिना गर्म किए दोबारा भुजिया बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन स्पष्ट होता है। यह घटना आम जनता के लिए गंभीर है क्योंकि इससे खाद्यजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और उपभोक्ताओं का भरोसा घट सकता है, जिससे खाद्य उद्योग पर निगरानी औ