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बीबीएमबी के एरियर मामले में हिमाचल की ऐतिहासिक जीत, 20 वर्षों में प्रदेश को मिलेंगे 15 हजार करोड़ रुपये : मुकेश शर्मा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बीबीएमबी के एरियर मामले में हिमाचल की ऐतिहासिक जीत, 20 वर्षों में प्रदेश को मिलेंगे 15 हजार करोड़ रुपये : मुकेश शर्मा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल के अधिकारों को मिली बड़ी मजबूती, प्रदेश की 75 लाख जनता को बधाई

नवंबर 06, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने बीबीएमबी के एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश की 75 लाख जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई में एक और बड़ी जीत हासिल की है।

लगभग चार वर्षों के कार्यकाल में यह प्रदेश के हितों से जुड़ी चौथी ऐतिहासिक जीत है। मुकेश शर्मा ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित बीबीएमबी के एरियर मामले में आया यह फैसला हिमाचल प्रदेश के हक और अधिकारों की बड़ी जीत है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रदेश की जनता, मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सहयोगियों, अधिकारियों तथा सरकार की ओर से पैरवी करने वाली कानूनविदों की पूरी टीम को जाता है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश को बीबीएमबी से एरियर के रूप में लगभग 55-56 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी और यह लाभ आगामी 20 वर्षों तक जारी रहेगा। इससे प्रदेश के खजाने में अगले 20 वर्षों के दौरान लगभग 15 हजार करोड़ रुपये आने की संभावना है। मुकेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में छह रुपये प्रति यूनिट की दर से इस बिजली का मूल्यांकन किया जाए तो प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होगा।

वहीं, हिमाचल प्रदेश ने राजस्थान को 15.50 रुपये, केरल को 14.50 रुपये और तमिलनाडु को 13.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेची है। यदि भविष्य में भी इसी प्रकार की दरों पर बिजली का समझौता होता है, तो प्रदेश की सालाना आय लगभग 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल के संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

यह फैसला प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। मुकेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। शानन पावर प्रोजेक्ट को हिमाचल के अधिकार में लेने के लिए सरकार पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ेगी और देश के प्रतिष्ठित वकीलों की सेवाएं ली जाएंगी।

इसके साथ ही वाटर सेस के मामले में भी प्रदेश अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश अपने हक और संसाधनों के लिए न झुका है और न ही भविष्य में कभी झुकेगा। प्रदेश के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बीबीएमबी के एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला हिमाचल प्रदेश को 15 हजार करोड़ रुपये के अधिकार देता है, जो 20 वर्षों में पहली बार ऐसा निर्णय है। यह निर्णय हिमाचल के संसाधन अधिकारों को मजबूत करता है और प्रदेश की आर्थिक विकास योजनाओं में नई ऊर्जा भरता है। 75 लाख की आबादी के लिए यह निर्णय रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे प्रदेश की समग्र समृद्धि में वृद्धि होगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।