राजनीति

बीबीएमबी मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामूहिक प्रयासों का परिणाम, मुख्यमंत्री श्रेय लेने की राजनीति बंद करें: रणधीर शर्मा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बीबीएमबी मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामूहिक प्रयासों का परिणाम, मुख्यमंत्री श्रेय लेने की राजनीति बंद करें: रणधीर शर्मा

नवंबर 06, शिमला (हिमाचल प्रदेश): भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) मामले में सुप्रीम कोर्ट के हिमाचल प्रदेश के हित में आए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश को बिजली में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी एवं अन्य आर्थिक लाभ मिलने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय है।

हालांकि फैसले की विस्तृत प्रति आने के बाद ही इसके सभी पहलू स्पष्ट होंगे। रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस फैसले का एकतरफा श्रेय लेने की राजनीति न करें। यह मामला वर्ष 1996 से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन रहा है और इस दौरान सभी सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल में हिमाचल के अधिकारों की पैरवी की है।

उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार के प्रयासों से हिमाचल को जलविद्युत परियोजनाओं में 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली का अधिकार मिला था। भाजपा सदैव प्रदेश के हितों की रक्षा करती आई है। शर्मा ने पीटरहॉफ अतिथिगृह को पीपीपी मोड पर देने के प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की बहुमूल्य सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने पीटरहॉफ की बुकिंग बंद करने के निर्णय तथा अन्य सरकारी होटलों के निजीकरण की आशंकाओं पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के हित में फैसला सुनाया, जिससे राज्य को बिजली में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी और अन्य आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। यह निर्णय क्षेत्रीय संसाधन प्रबंधन और ऊर्जा नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाता है। जनता के लिए इसका मतलब है कि बिजली की कीमतें स्थिर रह सकती हैं और राज्य के लिए राजस्व बढ़ सकता है, जिससे विकास परियोजनाओं के लिए अधिक धन उपलब्ध होगा।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।