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बिहार में बाढ़ से 11 जिलों में 16 लाख से अधिक प्रभावित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बिहार में बाढ़ से 11 जिलों में 16 लाख से अधिक प्रभावित

सितंबर 06, नई दिल्ली: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और राज्य के 11 जिलों में 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं।

पटना के गांधी घाट और पंडारक में गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर गया है।

गंगा और पुनपुन नदियों के बढ़ते पानी से पटना के ग्रामीण और निचले इलाकों में भारी जलभराव हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अकेले पटना जिले में 2.32 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

पटना में जलजमाव से निपटने के लिए सभी 56 डीपीएस चालू किए गए हैं और नगर निगम के छह अंचलों में जल निकासी के लिए 94 अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर और नौगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की सात और एसडीआरएफ की 27 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर नावों का संचालन किया जा रहा है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

(कैप्शन- फाइल फोटो)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बाढ़ का विषय है गंगा और पुनपुन नदियों के जल स्तर का बढ़ना, जिससे बिहार के 11 जिलों में 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र की जलवायु परिवर्तन और बाढ़ प्रबंधन की कमियों को उजागर करती है, जिससे सरकार और राहत एजेंसियों पर दबाव बढ़ता है। आम जनता पर इसका असर जीवन, आजीविका और बुनियादी ढाँचे पर गहरा पड़ेगा, जिससे विस्थापन, कृषि नुकसान और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।