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बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 13 जिलों के 77 प्रखंड प्रभावित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 13 जिलों के 77 प्रखंड प्रभावित

सितंबर 08, नई दिल्ली: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश और गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण राज्य के बड़े हिस्से में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदेश के 13 जिलों के 77 प्रखंडों की 438 पंचायतों में 29 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। पटना, सारण, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया और कटिहार समेत कई जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।

गंगा के साथ-साथ कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। खास तौर पर मोकामा से कहलगांव तक गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है।जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सारण और वैशाली में बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई केंद्रों का निरीक्षण किया और लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और राहत व्यवस्था की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता समय पर पहुंचे।

राज्य प्रशासन बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

फोटो- प्रतीकात्मक

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बिहार में लगातार बारिश और गंगा सहित प्रमुख नदियों के बढ़ते जल स्तर के कारण 13 जिलों के 77 प्रखंड प्रभावित हुए हैं, जिससे 29 लाख से अधिक लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। यह विषय बाढ़ के व्यापक प्रभाव और राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हुए नुकसान पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि बाढ़ से फसल, बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है, और सरकार व जनता को तात्कालिक राहत एवं पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। आम जनता को घर-घर से पानी हटाने, खाद्य एवं दवाइयों की कमी, तथ

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।