बिहार के बौद्ध परिपथ को थाई पर्यटकों से जोड़ने की पहल तेज
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बिहार में बौद्ध परिपथ अतुलनीय, बौद्ध पर्यटकों के स्वागत को बिहार तैया
थाईलैंड के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली का दौरा किया। पटना में B2B बैठक में पर्यटन सहयोग पर चर्चा हुई।
24 सितंबर , पटना (पटना, बिहार) : बिहार में बौद्ध पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने और थाईलैंड के पर्यटकों के लिए राज्य को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में पर्यटन विभाग की पहल जारी है। इसी क्रम में ‘फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट’ के तहत थाईलैंड से आया 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार के प्रमुख बौद्ध एवं ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के बाद पटना पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली का दौरा किया। पटना में पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, भारत के प्रमुख ट्रैवल ऑपरेटरों और स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ संवाद एवं बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य बिहार और थाईलैंड के बीच पर्यटन सहयोग, पर्यटन उत्पादों के प्रचार तथा व्यावसायिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए पर्यटन निदेशालय के संयुक्त निदेशक राजेश रौशन ने कहा कि बिहार बौद्ध पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य का बौद्ध परिपथ ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है तथा इसके विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार सीमा-पार पर्यटन को बढ़ावा देने, आकर्षक ट्रैवल पैकेज तैयार करने, सीधी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और दक्षिण-पूर्व एशिया के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच बिहार की पर्यटन पहचान को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
बैठक में थाई प्रतिनिधिमंडल और बिहार के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों एवं व्यवसायियों ने B2B संवाद में सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान पर्यटन उत्पादों, संभावित यात्रा कार्यक्रमों, प्रचार गतिविधियों और व्यावसायिक अवसरों को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पर्यटन हितधारकों ने कहा कि इस पहल से थाईलैंड और बिहार के बीच पर्यटन सहयोग तथा व्यावसायिक साझेदारी के नए अवसर तलाशने का मंच मिला है।
थाई प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बिहार पर्यटन की इस पहल को भारत और बिहार की वैश्विक पर्यटन पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बिहार की बौद्ध विरासत और पर्यटन स्थलों को थाई पर्यटन बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
बिहार पर्यटन विभाग के अनुसार, राज्य की समृद्ध बौद्ध विरासत, आध्यात्मिक महत्व और विकसित हो रहे पर्यटन बुनियादी ढांचे के कारण बौद्ध देशों के पर्यटकों को आकर्षित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। विभाग भविष्य में भी बौद्ध बहुल देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहलों को आगे बढ़ाने पर जोर देगा।
‘फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट’ के तहत बिहार भ्रमण पूरा करने के बाद थाईलैंड का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य से रवाना हो गया।
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Caption : थाईलैंड के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली का दौरा किया। पटना में B2B बैठक में पर्यटन सहयोग पर चर्चा हुई।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बौद्ध परिपथ को थाई पर्यटकों से जोड़ने की पहल बिहार के प्रमुख बौद्ध स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का प्रयास है। यह कदम थाईलैंड के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद आया, जिसमें बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली का भ्रमण हुआ। इस पहल का महत्व इसलिए है क्योंकि इससे बिहार को वैश्विक बौद्ध पर्यटन का केंद्र बनाया जा सकता है, जिससे राजस्व और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। आम जनता के लिए इसका असर पर्यटन से होने वाली आर्थिक वृद्धि, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय पहचान के सुदृढ़ीकरण