बिहार में 1 नवंबर तक बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट
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मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीप समूह के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 23 अक्टूबर को सुबह 5:30 बजे निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ।
24 अक्टूबर , पटना (पटना, बिहार) : बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने राज्य में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक आशीष कुमार के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीप समूह के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 23 अक्टूबर को सुबह 5:30 बजे निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ। इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद यह तूफान उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से बिहार के मौसम में बदलाव आने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक आशीष कुमार के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बिहार के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में किसी सुरक्षित पक्के भवन के भीतर शरण लेना उचित होगा।