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बीमारी के लक्षण दिखने से पहले पौधे की सेहत बताएगा AI मॉडल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बीमारी के लक्षण दिखने से पहले पौधे की सेहत बताएगा AI मॉडल

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बीमारी के लक्षण दिखने से पहले पौधे की सेहत बताएगा AI मॉडल

सीतामढ़ी के दसवीं के छात्र रुद्र चंद्र मिश्रा के AI मॉडल ने फ्रांस में 87 देशों के 1,472 छात्रों में 37वां स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने उपलब्धि की सराहना की।

05 अक्टूबर , सीतामढ़ी (सीतामढ़ी , बिहार) : सीतामढ़ी के दसवीं कक्षा के छात्र रुद्र चंद्र मिश्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो पौधे की सेहत, मिट्टी की नमी और आसपास के वातावरण की निगरानी कर संभावित बीमारी के शुरुआती संकेतों की पहचान करने में मदद करता है। मॉडल पौधे की पानी और पोषक तत्वों की आवश्यकता का आकलन करने के साथ जरूरत के अनुसार सिंचाई व्यवस्था को नियंत्रित करने की दिशा में भी काम करता है। रुद्र के इस नवाचार की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सराहना की है।

रुद्र ने वर्ष 2024 में इस मॉडल पर काम शुरू किया था। जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के दौरान एक बीमार पेड़ को देखकर उनके मन में यह विचार आया कि यदि पौधों में बीमारी के शुरुआती संकेतों की समय रहते पहचान हो जाए तो उन्हें होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। विज्ञान शिक्षक नवल किशोर के मार्गदर्शन में उन्होंने इस विचार को मॉडल का रूप देना शुरू किया।

मॉडल में करीब आठ माइक्रोकंट्रोलर, विभिन्न सेंसर, एयर मॉड्यूल, मिट्टी की नमी मापने वाले सेंसर और कैमरा सिस्टम का उपयोग किया गया है। इन उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पौधे और मिट्टी की स्थिति का आकलन करने का प्रयास किया जाता है। मॉडल में पानी की आवश्यकता होने पर टैंक से आवश्यक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जोड़ी गई है।

रुद्र के अनुसार, मॉडल को तैयार करने में लगभग 29 से 45 हजार रुपये की लागत आती है। इसे कम लागत में विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि छोटे मॉडल को लगभग 10 से 15 हजार रुपये में तैयार किया जा सके। भविष्य में मॉडल को इस स्तर तक विकसित करने की योजना है कि कम बारिश या पानी की कमी की स्थिति में उपलब्ध जल के आधार पर उपयुक्त फसल के चयन और सिंचाई प्रबंधन में भी किसानों को मदद मिल सके।

रुद्र के मॉडल का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया के लिए भी हुआ। देशभर से करीब 400 विद्यार्थियों का चयन हुआ, जिनमें बिहार के 14 विद्यार्थी शामिल रहे। रुद्र का चयन उत्तर क्षेत्र से हुआ। इसके अलावा उनका चयन ISRO YUVIKA कार्यक्रम के लिए भी हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रुद्र के नवाचार को पहचान मिली है। 16 और 17 सितंबर 2026 को फ्रांस के ल्योन में आयोजित InnoRobo by SIDO 2026 में उन्होंने अपने मॉडल का ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण किया। प्रतियोगिता में 87 देशों के 1,472 विद्यार्थियों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए, जिसमें रुद्र ने 37वां स्थान हासिल किया।

रुद्र के पिता रितेश कुमार अधिवक्ता हैं, जबकि माता मौसमी मिश्रा और बहन मोलिका मिश्रा ने भी मॉडल तैयार करने में उनका सहयोग किया। एक बीमार पेड़ को देखकर उपजे विचार से शुरू हुआ रुद्र का वैज्ञानिक प्रयोग अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। उनकी उपलब्धि सीतामढ़ी के साथ-साथ बिहार के स्कूली विद्यार्थियों में विज्ञान और नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि को भी रेखांकित करती है।

इस स्टोरी फोल्डर में :

बाइट - रुद्र चंद्र मिश्रा, दसवीं कक्षा के छात्र

बाइट - पिता रितेश मिश्रा बाइट - दादा बाइट - डॉ सुनील सुमन परोसी

बाइट - अनन्या झा छात्रा नवम

Caption : सीतामढ़ी के दसवीं के छात्र रुद्र चंद्र मिश्रा के AI मॉडल ने फ्रांस में 87 देशों के 1,472 छात्रों में 37वां स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने उपलब्धि की सराहना की।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।