भोपाल

बिना दबाव, बिना डर और बिना चाटुकारिता के हक़ की आवाज़ उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार आज़म लाला सम्मानित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अगस्त 2026 👁️ 22 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
बिना दबाव, बिना डर और बिना चाटुकारिता के हक़ की आवाज़ उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार आज़म लाला सम्मानित

जनहित के मुद्दों को बेबाकी से उठाने और अवाम की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए मिली सम्मान-ट्रॉफी

भोपाल। रियाज़ फैंस क्लब की जानिब से 13 अगस्त को एक पुरवक़ार और यादगार तक़रीब का इनइक़ाद किया गया। इस मौक़े पर तालीम, समाजी ख़िदमत और पत्रकारिता के मैदान में बेहतर ख़िदमात अंजाम देने वाली शख़्सियात की हौसला-अफ़ज़ाई की गई।

तक़रीब में विधायक आतिफ़ अकील, वार्ड 78 के पार्षद मोहम्मद रियाज़, वार्ड 77 के पार्षद दानिश शब्बीर, पार्षद सरवर जी और कमरुद्दीन बोहरा समेत कई मुअज़्ज़िज़ अफ़राद मौजूद रहे।

अवाम की आवाज़ को बुलंद करने के लिए आज़म लाला का सम्मान

तक़रीब के दौरान पत्रकार आज़म लाला को पत्रकारिता के ज़रिए अवाम की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने और जनहित से जुड़े अहम मुद्दों को बेबाक़ी से उठाने के लिए ख़ुसूसी तौर पर सम्मानित किया गया।

आज़म लाला की पत्रकारिता की ख़ासियत यह है कि न किसी के दबाव का ख़ौफ़, न किसी के रसूख़ का असर और न ही किसी तरह की चाटुकारिता। बल्कि हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी क़लम को आवाज़ बनाना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

हार पहनाकर और ट्रॉफ़ी देकर की हौसला-अफ़ज़ाई

इस मौक़े पर वार्ड 78 के पार्षद मोहम्मद रियाज़ और वार्ड 77 के पार्षद दानिश शब्बीर ने आज़म लाला को हार पहनाकर और ट्रॉफ़ी देकर उनकी हौसला-अफ़ज़ाई की।

क़लम की ताक़त ही असल ताक़त है

“जो हक़ की बात कह दे, वही असल में पत्रकार है,

जो ज़ुल्म के आगे न झुके, वही क़लम का पहरेदार है।”

रियाज़ फैंस क्लब की यह पहल उन लोगों की हौसला-अफ़ज़ाई है, जो बिना किसी ख़ौफ़, दबाव और लालच के समाज और अवाम की आवाज़ बुलंद करने का काम करते हैं।

इज़्ज़त उस क़लम की, जो बिके नहीं, सलाम उस आवाज़ को, जो दबे नहीं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।