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बोधिवृक्ष की छांव में विश्व शांति की प्रार्थना, जुटे एक हजार से अधिक बौद्ध अनुयायी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बोधिवृक्ष की छांव में विश्व शांति की प्रार्थना, जुटे एक हजार से अधिक बौद्ध अनुयायी

बोधगया के महाबोधि मंदिर में वर्षावास समापन पर एक हजार से अधिक बौद्ध अनुयायियों ने त्रिपिटक पाठ कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।

26 अक्टूबर , बोधगया ( गया, बिहार) : भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर में सोमवार को विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। बोधिवृक्ष की छांव में आयोजित इस सभा में देश-विदेश के एक हजार से अधिक बौद्ध भिक्षुओं, भिक्षुणियों, बौद्ध लामाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। तीन माह के पवित्र वर्षावास काल की समाप्ति के उपरांत आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों से आए बौद्ध अनुयायी एकत्र हुए।

प्रार्थना सभा के दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने त्रिपिटक के सूत्रों का पाठ किया और विश्व में शांति, सद्भाव, करुणा तथा मैत्री की भावना के प्रसार की कामना की। बौद्ध परंपरा में वर्षावास को साधना, अध्ययन और आध्यात्मिक अनुशासन की महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है। इसके समापन के बाद आयोजित इस प्रार्थना सभा में बौद्ध धर्म की शिक्षाओं के अनुरूप अहिंसा और आपसी सौहार्द का संदेश दिया गया।

भगवान बुद्ध की तपस्या, ज्ञान और उपदेशों से जुड़ी बोधगया की भूमि बौद्ध अनुयायियों के लिए विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखती है। महाबोधि मंदिर परिसर में आयोजित इस सामूहिक प्रार्थना ने विश्व शांति और मानवता के कल्याण के संदेश को केंद्र में रखा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।