ब्रिक्स समिट के लिए भारत तैयार, पुतिन समेत कई नेता पहुंचेंगे दिल्ली
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
सितंबर 10, नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए राजधानी दिल्ली पूरी तरह तैयार है। भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। सम्मेलन में शामिल होने के लिए विदेशी मेहमानों के भारत पहुंचने का सिलसिला आज से शुरू हो गया है।सम्मेलन में कई देशों के विदेश मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कल ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भारत पहुंचेंगे। वहीं रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही बुरुंडी के राष्ट्रपति और प्रथम महिला भी 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आज दिल्ली पहुंचेंगे।
सम्मेलन में बुरुंडी के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा, इथियोपिया के विदेश मंत्री और ब्राजील के विदेश मंत्री समेत कई अन्य देशों के वरिष्ठ नेता भी भारत पहुंचेंगे। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, विकास और बहुपक्षीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
इसके साथ ही बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ब्रिक्स की भविष्य की रणनीति और सहयोग को मजबूत करने पर भी मंथन किया जाएगा। 2026 का ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए खास महत्व रखता है। इस वर्ष ब्रिक्स समूह अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत चौथी बार समूह की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में इस शिखर सम्मेलन पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
फाइल फोटो
💡 पृष्ठभूमि (Background)
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहाँ देश अपनी आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास करेगा। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित होंगे, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका दिखाने का मौका मिलेगा। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक हो सकता है: रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, व्यापारिक सौदों