ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह के तीसरे दिन जल संरक्षण पर जिलेभर में हुए जागरूकता कार्यक्रम
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बालोतरा 3 नवंबर। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना की ओर से आयोजित ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह के तहत मंगलवार को रेनबो ई-स्मार्ट स्कूल, रतन विहार कॉलोनी बालोतरा में विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी देने के साथ विद्यालय का जल अंकेक्षण करवाया गया।
आरयूआईडीपी चतुर्थ चरण के तहत बालोतरा में आमजन की सुविधा के लिए जल प्रदाय तंत्र में सुधार एवं सीवरेज कार्यों से संबंधित आधारभूत विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार जैन के मार्गदर्शन में सामुदायिक जागरूकता एवं जनसहभागिता यूनिट बालोतरा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आरयूआईडीपी कैप की सहायक सामुदायिक विकास अधिकारी गायत्री गर्ग ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण की आवश्यकता, जल अंकेक्षण के उद्देश्य, उपयोगिता एवं प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों को श्पानी पर हक है हमाराश् विषय पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
इसके पश्चात पांच छात्र एवं पांच छात्राओं का समूह बनाकर विद्यालय के एक शिक्षक के साथ परिसर का भ्रमण करवाया गया। विद्यार्थियों ने विद्यालय में पेयजल, हाथ धोने एवं शौचालयों में लगे वाटर पॉइंट का निरीक्षण कर पानी की खपत एवं उपयोग की स्थिति का जायजा लिया। उन्हें पानी व्यर्थ नहीं बहाने, जल संरक्षण के विभिन्न उपायों तथा विद्यालय में जल एवं बिजली की व्यवस्था पर होने वाले खर्च के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही 10 विद्यार्थियों को अपने-अपने घरों का जल अंकेक्षण करने के लिए निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध करवाए गए, ताकि वे परिवार के सदस्यों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर सकें।
इस अवसर पर जयपुर से आए संवेदक फर्म जीसीकेसी के महेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को छोटे-छोटे उदाहरणों के माध्यम से स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के महत्व को समझाया। वहीं चांदनी चौधरी एवं लक्ष्मी चौधरी ने कहा कि जल ही जीवन है और पानी के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। मानव जीवन की प्रत्येक गतिविधि में जल की आवश्यकता होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पानी बचाने के सरल उपाय बताते हुए कहा कि फर्श को पाइप से धोने के बजाय पोछे से साफ करें तथा शेविंग करते समय नल खुला छोड़ने की बजाय मग में पानी लेकर उपयोग करें। इस प्रकार की छोटी-छोटी आदतों से बड़ी मात्रा में पेयजल बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज पानी की बचत ही आने वाले कल का सुरक्षित भविष्य है।
जल संरक्षण के इस अभियान में बच्चों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार एवं समाज को भी पानी बचाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका इंदु आसुदानी ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि बच्चों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम में रेनबो ई-स्मार्ट स्कूल की अध्यापिकाओं ने सहयोग प्रदान किया।