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बूढ़ा केदार धाम से लगे जराल ताल, मंज्याडा ताल और काणाताल पर्यटन की संभावनाओं से भरपूर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बूढ़ा केदार धाम से लगे जराल ताल, मंज्याडा ताल और काणाताल पर्यटन की संभावनाओं से भरपूर

03 अक्तूबर 2026, टिहरी गढ़वाल: टिहरी गढ़वाल जिले के भिलंगना क्षेत्र में स्थित जराल ताल, मंज्याडा ताल और काणाताल पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने की संभावनाओं से भरपूर हैं। बूढ़ा केदार धाम के मेड़ गांव से करीब पांच से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित इन प्राकृतिक स्थलों के आसपास फैले बुग्याल, हरियाली और शांत जलराशि पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं।

उत्तरकाशी-बूढ़ाकेदार चारधाम यात्रा मार्ग के समीप होने के कारण क्षेत्र में पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, पेयजल, शौचालय और ठहरने जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित कर इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर शामिल किया जा सकता है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलने से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने इन प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता जताई है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।