चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से आंध्र प्रदेश में 3 की मौत, राहत-बचाव कार्य तेज
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अक्टूबर 28, नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। तूफान के कारण कई इलाकों में जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क, रेल तथा हवाई यातायात पर असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत की खबर है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात करीब 1 बजकर 20 मिनट पर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से टकराया। इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि हवा के झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
तूफान के असर से आंध्र प्रदेश में 161 स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। राज्य के दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जगह पेड़ उखड़ने, जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें हैं। तूफान से राज्य में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 84 हजार 396 लोगों को 290 राहत शिविरों में पहुंचाया है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
ओडिशा के छह जिलों में रेड अलर्ट चक्रवात का असर ओडिशा में भी देखने को मिल रहा है। भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए राज्य के 16 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, 2,037 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं। समुद्र में मछली पकड़ने गई नौकाओं को वापस तट पर बुला लिया गया है।
मौसम विभाग ने गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट, नबरंगपुर और मलकानगिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पुरी, खुर्दा, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, बालासोर, भद्रक और जाजपुर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर और देवगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट दिया गया है।
तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और कुछ स्थानों पर भूस्खलन या मिट्टी धंसने की आशंका जताई गई है।
उड़ानें और रेल सेवाएं प्रभावित चक्रवात के कारण हवाई और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर कम से कम 21 उड़ानें रद्द की गई हैं। भुवनेश्वर, हैदराबाद और पड़ोसी राज्यों के कुछ हिस्सों में भी उड़ानों में देरी हुई है। वहीं, भारतीय रेलवे ने तटीय कॉरिडोर से गुजरने वाली कम से कम 50 ट्रेनें रद्द कर दी हैं।
पुडुचेरी और यनम में जलभराव पुडुचेरी और यनम में भी चक्रवात का असर दिखाई दिया है। रातभर हुई बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हुआ है। एहतियात के तौर पर सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। यनम में 38 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तेज हवाओं और जलभराव के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है।
छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और चेन्नई में भी मौसम प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों को फिलहाल फसल की कटाई टालने और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी है।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश की आशंका है। कोलकाता हवाई अड्डे पर कई उड़ानें रद्द हुई हैं। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग समेत कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं। बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। चेन्नई में भी तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की खबर है।
धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान करीब सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। अनुमान है कि तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा। इसके 28 अक्टूबर की शाम तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान की श्रेणी से नीचे आने और रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के पास समुद्र में तीन से छह मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है। मछुआरों को 28 अक्टूबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तटों के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी प्रशासन अलर्ट चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सतर्क रहने और क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खराब मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, तूफान के कमजोर पड़ने का अनुमान है, लेकिन ओडिशा और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार है। मौसम विभाग ने लोगों से जारी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश, तेज हवाएँ और जलभराव के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है। यह विषय प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रशासनिक त्वरित प्रतिक्रिया और बुनियादी ढांचे पर पड़े प्रभाव को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि कैसे एक ही मौसम घटना से कई राज्यों में बिजली कटौती, यातायात बाधा और मानवीय संकट उत्पन्न होते हैं। आम जनता पर इसका असर आर्थिक नुकसान, आवासीय क्षति, स्वास्थ्य जोखिम और आपातकालीन सेवाओं पर बढ़ते दबाव के रूप में पड़ सकता है