चलती कार में पेड़ गिरा, डिप्टी-कलेक्टर की मां की मौत:इंदौर में गाड़ी के अंदर ही मुड़ गई गर्दन; बहन-बहनोई घायल, मीटिंग में थी बेटी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →इंदौर में सोमवार को सेंट्रल जेल के सामने से सड़क से गुजर रही दो कारों पर अचानक एक पेड़ गिर गया। हादसे में एक कार में सवार डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां राधा देवी सिंघी (75) की मौत हो गई। उनकी बहन और बहनोई घायल हुए हैं। हादसे में ड्राइवर के भी घायल होने की जानकारी है। हादसा इतना भीषण था कि पेड़ गिरने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
राधा देवी सिंघी की गर्दन गाड़ी के अंदर ही मुड़ गई। सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और राहत-बचाव शुरू किया। बैठक में थीं डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी नर्मदा घाटी विभाग की बैठक में थीं।
घटना की जानकारी मिलते ही कमिश्नर भास्कर लक्ष्यकार ने तत्काल बैठक निरस्त कर सभी अधिकारियों को मौके पर रवाना किया। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक, पुलिस ने राधा देवी सिंघी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। वहीं, घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। सीजन में अब तक 22 इंच बारिश इंदौर में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 22 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सीजन में अब तक वर्षा कम हुई है। फिलहाल कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है।
स्थानीय सिस्टम बनने पर कुछ समय के लिए बारिश हो सकती है। इसके साथ ही दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इंदौर में एक दुर्घटना में चलती कार पर अचानक गिरा हुआ पेड़ कार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर गया, जिससे डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां राधा देवी सिंघी की मृत्यु हुई। यह घटना अचानक प्रकृति की अनिश्चितता और सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है। इस खबर का महत्व इस तथ्य में है कि यह एक सार्वजनिक अधिकारी की परिवार पर गहरा प्रभाव डालती है, जिससे सरकार और नागरिकों को पेड़ प्रबंधन और सड़क सुरक्षा उपायों पर पुनर्विचार करने की प्रेरणा मिलती है। आम जनता को यह याद दिलाती है कि सड़