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चंबल में गंगा रिवर डॉल्फिन की आधुनिक तकनीक से गणना शुरू, 15 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
चंबल में गंगा रिवर डॉल्फिन की आधुनिक तकनीक से गणना शुरू, 15 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

मप्र, यूपी और राजस्थान के वनकर्मियों के साथ देहरादून के 15 सदस्यीय दल की निगरानी

फरवरी में 435 किमी क्षेत्र में मिले थे 155 डॉल्फिन

मुरैना, अक्टूबर 07: जिले के राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में विलुप्तप्राय जलीय जीव गंगा रिवर डॉल्फिन की आधुनिक तकनीक से गणना शुरू की गई है। गणना में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के वन विभाग के वनकर्मियों के साथ वन्य जीव संस्थान, देहरादून के 15 सदस्यीय दल शामिल हैं। इससे पहले देवरी घड़ियाल केंद्र पर वन्य जीव संस्थान के प्रशिक्षकों ने तटवर्ती राज्यों के वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।

फरवरी 2026 में 435 किलोमीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में जलीय जीव गणना के दौरान 155 रिवर डॉल्फिन दर्ज की गई थीं। वर्तमान गणना 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के अंतिम छोर उत्तरप्रदेश के इटावा-पचनदा तक चलेगी। आधुनिक तकनीक से होने वाली यह गणना डॉल्फिन की वास्तविक संख्या सामने लाने के साथ उनके संरक्षण और संवर्धन में सहायक होगी।

गणना दल के साथ स्थानीय वनकर्मी भी मौजूद रहेंगे, जिससे उन्हें जलीय जीवों के संरक्षण और गणना की तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा।

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बाइट:

  • हरिश्चन्द्र बघेल — जिला वन मंडल अधिकारी, मुरैना
  • डॉ. विनीत सिंह — वन्य जीव संस्थान, देहरादून
  • डॉ. सनीदेवी — वन्य जीव संस्थान, देहरादून

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गंगा रिवर डॉल्फिन, जो भारत के कुछ ही नदी प्रणालियों में पाई जाती है, के संरक्षण के लिए चंबल घड़ियाल अभयारण्य में आधुनिक तकनीक से गिनती शुरू की गई है। यह अभियान मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के वनकर्मियों के साथ वन्य जीव संस्थान के 15 सदस्यीय दल द्वारा संचालित है। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विलुप्तप्राय प्रजाति के वर्तमान जनसंख्या और वितरण का सटीक आंकलन करने में मदद करेगा, जिससे संरक्षण योजनाएँ बेहतर ढंग से बनाई जा सकेंगी। आम जनता को इससे जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्थानीय

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।