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चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर रेल दुर्घटना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया गया मॉकड्रिल आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर रेल दुर्घटना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया गया मॉकड्रिल आयोजित

आज चंदौली के डीडीयू रेल मंडल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर रेल दुर्घटना जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से व्यापक मॉकड्रिल किया गया। मंडल के संरक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस अभ्यास में रेलवे के विभिन्न विभागों, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया।

अभ्यास का उद्देश्य राहत एवं बचाव कार्यों, चिकित्सा सहायता, आपातकालीन सूचना के आदान-प्रदान तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास करना था।डीडीयू मंडल के मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना पूरी मॉकड्रिल का अवलोकन कर समीक्षा की।

इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ के 60 जवानों, 20 स्काउट्स एवं गाइड्स, राज्य पुलिस, नागरिक सुरक्षा, राज्य अग्निशमन सेवा तथा जिला चिकित्सा विभाग के साथ-साथ रेलवे के आपदा प्रबंधन से संबंधित लगभग 100 कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ प्रेम प्रकाश उपाध्याय, डिप्टी सीएमओ , आशीष सिंह चौहान, कमांडेंट/एनडीआरफ, प्रवीर यादवेंदु, मास्टर ट्रेनर/सिविल डिफेंस, श्री कमलेश तिवारी, एस.ओ.एफ.सी.डी. के अलावा डीडीयू मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक कुलदीप व वरीय मंडल संरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सहित मंडल के अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

मॉकड्रिल के लिए गाड़ी संख्या 01450 (दानापुर–पुणे विशेष गाड़ी) के डीडीयू जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 8 पर प्रवेश के दौरान एक यात्री कोच के पटरी से उतरने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। स्टेशन अधीक्षक, डीडीयू द्वारा दोपहर 12:04 बजे काल्पनिक दुर्घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद राहत संसाधनों को सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू हुई।मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने मॉकड्रिल का अवलोकन किया और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से राहत संसाधनों तथा बचाव एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यकता के अनुसार तैयारियों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि यह मॉकड्रिल पूरी तरह काल्पनिक थी। अभ्यास की परिकल्पना में 10 यात्रियों की मृत्यु और 5 यात्रियों के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई थी।

यह संख्या केवल अभ्यास का हिस्सा थी; कोई वास्तविक रेल दुर्घटना या जनहानि नहीं हुई।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।