चंदौरा में कमलसिंह जाटव के परिवार पर हमले का आरोप, 50 हजार नकदी और जेवर ले जाने का दावा; SP से लगाई सुरक्षा की गुहार, देखें वीडियो
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शिवपुरी। जिले के करैरा थाना क्षेत्र में मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एक फरियादी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। ग्राम समोहा मजरा बराने की मड़ैया निवासी कमलसिंह पुत्र चन्नाराम जाटव ने ग्राम चंदौरा के कई लोगों पर अपने और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने, घरेलू सामान व वाहनों में तोड़फोड़ करने तथा नकदी और सोने-चांदी के जेवर ले जाने के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, मामले में करैरा थाने में अपराध क्रमांक 737/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कराया गया है। कमलसिंह का आरोप है कि घटना में शामिल कुछ अन्य लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किए गए हैं। उसने पुलिस से मामले में धाराएं बढ़ाने और शेष आरोपियों के नाम दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में कमलसिंह ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो, दो मोटरसाइकिल, दो कूलर, दो अलमारियों और मकान के दरवाजों को नुकसान पहुंचाया गया। उसने गाय के पैर को भी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, फरियादी का दावा है कि घटना के दौरान 50 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर भी ले जाए गए।
कमलसिंह ने शिकायत में आरोप लगाया कि घटना के बाद से उस पर और उसके परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। फरियादी के मुताबिक, आरोपियों की ओर से भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है, जिससे उसका परिवार भयभीत है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में नामजद आरोपियों के साथ कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है
💡 पृष्ठभूमि (Background)
चंदौरा में कमलसिंह जाटव के परिवार पर मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप लगने से स्थानीय समाज में अस्थिरता बढ़ी है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की कमी और विवादों के निवारण के लिए पुलिस की त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करती है। ऐसे मामलों से ग्रामीण जनता में डर और अविश्वास पैदा होता है, जिससे सामाजिक एकता और आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए, इस पर शीघ्र जांच और उचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🎙️ जनता का संदेश का मत
हिंसा का रास्ता कभी समाधान नहीं देता; विवादों का समाधान संवाद, कानूनी मार्ग और सहानुभूति से होता है। जब परिवार या समाज में मतभेद हों, तो शांतिपूर्ण चर्चा, मध्यस्थता और अदालत की सहायता से समाधान खोजें। समाज को एकजुट रखने के लिए सहनशीलता, परस्पर सम्मान और न्याय की भावना को अपनाना आवश्यक है। पीड़ितों के प्रति संवेदना दिखाते हुए, हमें शांतिपूर्ण और कानूनी रास्तों से न्याय की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।