चंडीगढ़ की सुखना झील को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
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अक्टूबर 16, नई दिल्ली: चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (रामसर साइट) घोषित किए जाने से इसके संरक्षण और पारिस्थितिक महत्व को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है। यह दर्जा झील के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने, प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुखना झील चंडीगढ़ की प्रमुख प्राकृतिक धरोहरों में से एक है। वर्ष 1958 में शहर के नियोजन से जुड़े वास्तुकार ले कोर्बुज़िए की परिकल्पना के तहत इसका निर्माण किया गया था।झील के निर्माण का उद्देश्य शिवालिक पहाड़ियों से बरसात के दौरान बहकर आने वाले पानी और मिट्टी के कटाव से उत्पन्न गाद को नियंत्रित करना तथा शहर को इसके प्रभावों से बचाना था।
प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध सुखना झील स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। सुखना झील को मिला यह दर्जा चंडीगढ़ की प्राकृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित करता है। इसके संरक्षण के प्रयास न केवल प्रवासी पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
फोटो- चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील (फाइल फोटो)