भोपाल

चौदह सौ किलोमीटर दूर से पिता को तलाशने आई बेटियां

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
चौदह सौ किलोमीटर दूर से पिता को तलाशने आई बेटियां

— दो महीने पहले इटरसी रेलवे स्टेशन से पुणे जाते वक्त लापता हुए

— नेपाली समाज से मांगी मदद तो दिया गया आसरा

पता बताने वाले व्यक्ति को ₹5000 का नकद इनाम दिया जाएगा।

भोपाल। सिस्टम जब काम न करें तो समाज आगे होता है। इसकी बानगी राजधानी भोपाल के नेपाली समाज में देख सकते हैं। मामला इटारसी जंक्शन से दो महीना पूर्व लापता हुए एक व्यक्ति से जुड़ा है। वह नेपाल के झापा जिले का रहने वाला है। वे नौकरी की तलाश में पुणे जाते वक्त गायब हो गए। जिन्हें तलाशने उनकी दो बेटियों ने बीड़ा उठाया है।

सबसे बड़ी बेटी भूमिका कार्की है और सबसे छोटी बहन अनुजा के साथ वे इन दिनों राजधानी के पशुपतिनाथ नेपाली समाज मंदिर के संरक्षण में लापता पिता तेज बहादुर कार्की को तलाश रही है। पिता की यादों को सोचकर बेटियों की आंखे भर आती है। वे लगभग 40 दिनों से इटारसी और भोपाल के बीच आना—जाना कर रही है।

पिता तेज बहादुर कार्की रेलवे स्टेशन से इटारसी शहर में जाते दिखाई दिए थे। इटारसी जीआरपी ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज की है। लेकिन, पुलिस की तलाश सरगर्मी से नहीं होने के कारण दोनों बेटियों ने भोपाल में पशुपतिनाथ नेपाली समाज से मदद मांगी है। समाज के अध्यक्ष लोकमणि घिमिरे बेटियों को मदद पहुंचाने अपने स्तर पर जुटे हुए हैं।

वे भी दोनों मासूम बच्चियों की हालत को देखते हुए समाज के सक्रिय लोगों को एकजुट करके अपने स्तर पर पिता को तलाशने का प्रयास कर रहे हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में एक नेपाली मूल के व्यक्ति की कहानी है, जो इटरसी रेलवे स्टेशन से पुणे जाते समय लापता हो गया था और अब उसके परिवार ने 1400 किलोमीटर दूर जाकर उसकी तलाश की है। यह विषय परिवारिक प्रेम और समाज के सहारे की महत्ता को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि जब सरकारी व्यवस्था असफल हो, तो समाज और स्वयंसेवक सहायता का रोल कितना अहम हो सकता है। इससे आम जनता को यह प्रेरणा मिलती है कि आपसी सहयोग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है और इससे समाजिक एकजुटता बढ़ती है।

S
Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।